दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पुण्यतिथि पर धनबाद समाहरणालय में रक्तदान शिविर का आयोजन

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पुण्यतिथि पर धनबाद समाहरणालय में रक्तदान शिविर का आयोजन

धनबाद: दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पुण्यतिथि के अवसर पर सोमवार को धनबाद समाहरणालय परिसर में जिला प्रशासन की ओर से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करना तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराना था।

डीडीसी सन्नी राज ने किया उद्घाटन

रक्तदान शिविर का शुभारंभ धनबाद के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सन्नी राज ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने शिविर का निरीक्षण किया और रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर सदर अस्पताल एवं शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) की संयुक्त टीम ने रक्त संग्रह की व्यवस्था संभाली।

रक्तदान को बताया जीवनदान

डीडीसी सन्नी राज ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पुण्यतिथि पर आयोजित यह रक्तदान शिविर समाज सेवा और जनकल्याण की भावना को समर्पित है। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है। इसलिए अधिक से अधिक लोगों को स्वेच्छा से रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि रक्तदान से न केवल किसी की जान बचाई जा सकती है, बल्कि नियमित अंतराल पर रक्तदान करना स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी माना जाता है।

सदर अस्पताल और एसएनएमएमसीएच की संयुक्त पहल

शिविर में सदर अस्पताल और एसएनएमएमसीएच की चिकित्सकीय टीम ने संयुक्त रूप से रक्तदाताओं का पंजीकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और सुरक्षित रक्त संग्रह की प्रक्रिया पूरी की। आयोजन के माध्यम से अधिक से अधिक यूनिट रक्त संग्रह कर जिले के ब्लड बैंक को मजबूत करने का प्रयास किया गया, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।

लोगों से अधिक भागीदारी की अपील

जिला प्रशासन ने जिले के नागरिकों से रक्तदान को सामाजिक दायित्व मानते हुए इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि नियमित रक्तदान से समाज में सेवा और मानवता की भावना मजबूत होती है तथा जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलती है।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पुण्यतिथि पर आयोजित इस रक्तदान शिविर के माध्यम से समाज सेवा, जनकल्याण और स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व का संदेश भी दिया गया।

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