फ्रांस में जंगलों में लगी भीषण आग पर काबू पाने के लिए सरकार ने खास A400M कार्गो विमान को तैनात किया है। यह विमान आग को फैलने से रोकने के लिए ऊपर से विशेष केमिकल (फ्लेम रिटार्डेंट) का छिड़काव करेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जंगल की आग से अब तक लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। आग बुझाने और राहत कार्य के लिए सेना और कई सरकारी एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं।
करीब 1.97 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने बताया कि यह विमान पश्चिमी फ्रांस के गिरोंडे इलाके में चल रहे राहत अभियान में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि गिरोंडे और लैंडेस क्षेत्रों से करीब 1.97 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा है।
आग के बोर्डो शहर की ओर बढ़ने का खतरा है
सरकार का कहना है कि तेज हवाओं की दिशा बदलने से आग के बोर्डो शहर की ओर बढ़ने का खतरा है। इसे रोकने के लिए फायर ब्रिगेड की टीमें खाइयां खोद रही हैं, आग बुझाने वाले केमिकल का इस्तेमाल कर रही हैं और दूसरे जरूरी कदम भी उठा रही हैं।
फ्रांस की सरकार ने आग से निपटने के लिए सैनिकों को तैनात किया और दम घोंटने वाले धुएं से बचाव के लिए 15 लाख फेस मास्क भेजे हैं। प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने इन आग की घटनाओं को अभूतपूर्व बताया है। उन्होंने कहा कि गिरोंडे की आग इतनी तेज हो गई थी कि वह अपनी खुद की हवाएं पैदा कर रही थी।
बता दें कि फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी इलाकों के अलावा स्पेन के मध्यवर्ती क्षेत्रों में भी भीषण आग भड़की है। मैड्रिड और बोर्दो जैसे प्रमुख शहरों के आसपास के इलाकों में आग का सबसे अधिक असर देखा जा रहा है। दोनों यूरोपीय देशों में फैली इस भीषण वनाग्नि पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मियों और प्रशासन को भारी मुश्किल हो रही है क्योंकि आग लगातार विकराल होती जा रही है।
स्पेन के दमकलकर्मियों ने स्वीकार किया कि आग की लपटें इतनी भीषण हैं कि सामान्य परिस्थितियों में उन पर काबू पाना तकरीबन असंभव है। फ्रांस के अटलांटिक तटवर्ती पर्यटन क्षेत्रों तक आग पहुंचने पर कई लोगों को नावों के सहारे सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। फ्रांस में आग बुझाने के दौरान कई दमकलकर्मी घायल हो गए।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू को आपदा से निपटने के लिए सरकार की आपातकालीन व्यवस्था तत्काल लागू करने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने सशस्त्र बलों को राहत एवं बचाव कार्यों में नागरिक एजेंसियों की हरसंभव सहायता के लिए तैनात करने के आदेश जारी किए हैं।

