रांची: झारखंड सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने NEET पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार से आधुनिक तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की है। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि यदि देश का भविष्य Gen Z है और भविष्य तकनीक का है, तो परीक्षा प्रणाली को भी ऐसी तकनीक से लैस किया जाना चाहिए जिससे पेपर लीक की संभावना पूरी तरह समाप्त हो सके।
शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने की मांग
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि लाखों छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए स्पष्ट, पारदर्शी और समयबद्ध रोडमैप पेश करने की अपील की। उनके अनुसार, छात्रों और अभिभावकों का भरोसा तभी लौटेगा जब परीक्षा प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित और जवाबदेह होगी।
सरकार से पूछे कई सवाल
अपने बयान में उन्होंने कहा कि सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए 10 साल की जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने का कानून बनाया है, लेकिन केवल सख्त सजा पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी आधुनिक और एयर-गैप्ड तकनीक कब लागू होगी, जिससे पेपर लीक होना ही असंभव हो जाए।
उन्होंने NET समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
छात्रों के साथ संवाद पर दिया जोर
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध का जवाब बल प्रयोग नहीं, बल्कि संवाद, पारदर्शिता और न्याय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी जाति, धर्म या वर्ग का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
राहुल गांधी के समर्थन का किया उल्लेख
अपने बयान में उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार युवाओं की आवाज उठा रहे हैं और वे स्वयं भी छात्रों के समर्थन में दिल्ली पहुंचकर उनकी आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था आवश्यक है।

