नई दिल्ली: ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में रिलायंस फाउंडेशन और नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच (WEP) की संयुक्त पहल के तहत मध्य प्रदेश की पांच महिला किराना उद्यमियों को सम्मानित किया गया। सफल व्यवसाय संचालन और ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक महिला को एक-एक लाख रुपये का अनुदान भी प्रदान किया गया।
यह सम्मान ‘एम्पावरिंग रूरल वूमेन किराना एंटरप्रेन्योर्स (RWKE)’ पायलट कार्यक्रम के तहत दिया गया। इस पहल को रिलायंस फाउंडेशन ने नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच के सहयोग से शुरू किया है, जबकि माइक्रोसेव कंसल्टिंग (MSC) इसकी तकनीकी सहयोगी संस्था है।
कारोबार बढ़ाने के लिए दिया गया प्रशिक्षण
कार्यक्रम के अंतर्गत मध्य प्रदेश के बड़वानी, विदिशा और रायसेन जिलों की महिला किराना दुकानदारों को डिजिटल तकनीक, वित्तीय प्रबंधन, बाजार तक पहुंच, स्टॉक मैनेजमेंट, सप्लाई चेन और व्यवसाय योजना जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
रिलायंस फाउंडेशन के अनुसार, अब तक 108 महिला उद्यमियों को 175 से अधिक प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से 1,200 घंटे से अधिक का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। स्थानीय भाषा में आयोजित इन सत्रों का उद्देश्य महिलाओं को कारोबार संचालन में आत्मनिर्भर बनाना है।
समारोह में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में नीति आयोग के सदस्य डॉ. जोराम अनिया, महिला उद्यमिता मंच की मिशन निदेशक अन्ना रॉय, रिलायंस फाउंडेशन की महिला सशक्तिकरण प्रमुख दीप्ति नुकालापति तथा माइक्रोसेव कंसल्टिंग की सोनल जेटली सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सम्मानित महिला उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रशिक्षण से मिले ज्ञान और व्यावहारिक कौशल की मदद से वे अपने कारोबार का विस्तार करने और अन्य महिलाओं को भी उद्यमिता के लिए प्रेरित करने का प्रयास करेंगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
रिलायंस फाउंडेशन का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा संचालित किराना दुकानें स्थानीय अर्थव्यवस्था और आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही हैं। डिजिटल और वित्तीय प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है, बल्कि उनके कारोबार को भी अधिक प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

