सोशल मीडिया पर हाल ही में एक इन्फ्लुएंसर ने दावा किया था कि उसे जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन के खिलाफ दो रील बनाने के लिए 40 हजार रुपये का ऑफर मिला था। अब टीवी एक्ट्रेस आकांक्षा पुरी ने भी इसी तरह का दावा किया है। आकांक्षा ने कहा कि मनोरंजन इंडस्ट्री के कुछ लोगों को चल रहे विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा कंटेंट बनाने या उसमें शामिल होने के बदले पैसे ऑफर किए जा रहे हैं। हालांकि, आकांक्षा पुरी ने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत सार्वजनिक नहीं किया है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
लोग सही चीजों का साथ दें, सही चीज के लिए खड़े हों
आकांक्षा पुरी ने कहा कि वह चाहती हैं कि लोग सही चीजों का साथ दें, सही चीज के लिए खड़े हों और मार्केटिंग जैसी चीजों से दूर रहें।
बता दें कि नीट पेपर लीक के मामले में छात्र डेढ़ महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन 20 जुलाई को संसद चलो मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया। छात्रों को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद से छात्रों के आंदोलन ने एक बड़ा रूप ले लिया। कई राजनीतिक और फिल्मी हस्तियां छात्रों के सपोर्ट में उतर आईं। इस बीच कई इनफ्लुएंसर्स ने दावा किया कि उन्हें मौजूदा राजनीतिक पार्टी का सपोर्ट करने और विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ बोलने के पैसे दिए जा रहे हैं।
आकांक्षा पुरी ने भी ऐसी ही बात कही है। उन्होंने कहा, ‘मैं बस यही चाहती हूं कि लोग सही चीज का साथ दें। इसे मार्केटिंग का जरिया न बनाएं। इससे पैसे न कमाएं और अपनी रोजी-रोटी पर लात न मारें। सही चीज का साथ दें। सही लोगों का साथ दें। मैं और खुलकर क्या कहूं? मुझे लगता है कि जो लोग मेरे साथ हैं- चाहे वो एक्टर हों या कंटेंट क्रिएटर, वो सभी जानते हैं कि बहुत से लोग और कई पार्टियां हमसे संपर्क कर रही हैं ताकि इसे मार्केटिंग का हिस्सा बनाया जा सके, ताकि वो चर्चा में आ सकें या रैली में जा सकें।’
आकांक्षा ने आगे कहा, ‘मैं इस कूड़े का हिस्सा नहीं बनना चाहती। मैं सही चीज का सपोर्ट करना चाहती हूं। और इसके लिए, चाहे मैं वहां मौजूद रहूं या न रहूं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। जब भी किसी को जरूरत होती है, मैं उनके साथ होती हूं। मुझे बहुत बुरा लगा क्योंकि वो भारत का भविष्य हैं। वो छात्र हैं। और उनके साथ ऐसा होना, यह सब देखना….जब मैंने वो सीन देखे, तो वो बहुत परेशान करने वाले थे। इसलिए मैं चाहती हूं कि प्लीज, वो बस एक छोटी सी बात कह रहे हैं। उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उन्हें समर्थन मिलना चाहिए।’

