1952 में अटलांटिक में डूबा विमान 74 साल बाद मिला, 52 लोगों की गई थी जान

1952 में अटलांटिक में डूबा विमान 74 साल बाद मिला, 52 लोगों की गई थी जान

वॉशिंगटन: करीब 74 साल पहले अटलांटिक महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हुआ एक यात्री विमान आखिरकार खोज लिया गया है। अमेरिकी एयरलाइन पैन अमेरिकन एयरवेज के ‘क्लिपर एंडेवर’ विमान का मलबा समुद्र में करीब 2,000 फीट की गहराई में मिला है।

यह विमान 11 अप्रैल 1952 को प्यूर्टो रिको से न्यूयॉर्क के लिए उड़ान भरकर रवाना हुआ था। विमान में 64 यात्री और 5 क्रू सदस्य सवार थे। उड़ान शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद विमान के दाहिनी ओर के दोनों इंजन बंद हो गए। इसके बाद पायलट ने समुद्र में इमरजेंसी लैंडिंग की।

रिपोर्ट के अनुसार, समुद्र पर उतरने के बाद शुरुआत में सभी लोग सुरक्षित थे, लेकिन कुछ ही देर में विमान तेजी से डूबने लगा। बचाव अभियान के दौरान 12 यात्रियों और 5 क्रू सदस्यों को बचा लिया गया, जबकि 52 लोगों की मौत हो गई।

इस हादसे के बाद दुनिया भर में हवाई यात्रा की सुरक्षा से जुड़े कई नियमों में बड़े बदलाव किए गए थे। अब 74 साल बाद इस विमान का मलबा मिलने से उस ऐतिहासिक हादसे की कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।

आखिर कैसे मिला मलबा?

एयर/सी हेरिटेज फाउंडेशन (Air/Sea Heritage Foundation), डीप सी विजन (Deep Sea Vision) और डिस्कवरी चैनल के लोकप्रिय शो ‘एक्सपेडिशन अननोन’ (Expedition Unknown) की टीम ने संयुक्त अभियान चलाया. टीम ने हाई-रिजॉल्यूशन सोनार तकनीक और स्वायत्त अंडरवॉटर ड्रोन की मदद से समुद्र की गहराई में खोज की. 2 जून को खोज अभियान के दौरान समुद्र तल पर विमान का मलबा दिखाई दिया.

बाद में ली गई तस्वीरों में Pan American का मशहूर पंखों वाला लोगो और विमान का नाम ‘Clipper Endeavor’ साफ पढ़ा जा सकता था. इससे पुष्टि हो गई कि यही वही विमान है, जिसकी तलाश दशकों से की जा रही थी.

एयर/सी हेरिटेज फाउंडेशन के अध्यक्ष रसेल मैथ्यूज ने कहा, “हम सभी इस खोज से स्तब्ध और बेहद उत्साहित हैं, लेकिन साथ ही उस जगह पर इतने वर्षों पहले जो कुछ हुआ था, उसे याद करके विनम्र भी महसूस कर रहे हैं.”

वहीं, ‘एक्सपेडिशन अननोन’ के होस्ट जोश गेट्स ने बताया, “यह लगभग 30 घंटे तक समुद्र की तलहटी की स्कैनिंग करता रहा। जब सिस्टम वापस सतह पर आया, तो वह वहीं था.”

उन्होंने आगे कहा, “आज जब भी आप किसी विमान में सवार होते हैं, तो ‘क्लिपर एंडेवर’ और उसके यात्रियों के साथ तीन चौथाई सदी पहले जो हुआ, उसकी वजह से आपकी यात्रा पहले से कहीं अधिक सुरक्षित है.”

हादसे के बाद बदला दुनिया का सुरक्षा नियम

जांच में सामने आया था कि हादसे के समय यात्रियों को लाइफ जैकेट, लाइफ राफ्ट और इमरजेंसी एग्जिट के बारे में कोई सुरक्षा जानकारी नहीं दी गई थी. भाषा की समस्या और समन्वित निकासी प्रक्रिया की कमी ने हालात और बिगाड़ दिए. विमान तीन मिनट से भी कम समय में समुद्र में डूब गया.

इसी हादसे के बाद दुनिया भर में उड़ानों से पहले यात्रियों को दिए जाने वाले सेफ्टी ब्रीफिंग, लाइफ जैकेट के इस्तेमाल का प्रदर्शन और इमरजेंसी एग्जिट की जानकारी अनिवार्य कर दी गई. आज हर विमान में टेकऑफ से पहले दिखाई जाने वाली सुरक्षा डेमो की शुरुआत इसी त्रासदी के बाद हुई.

खोज दल ने स्पष्ट किया है कि विमान के मलबे को समुद्र से बाहर निकालने की कोई योजना नहीं है. जिस स्थान पर यह मिला है, उसे उन 52 लोगों की अंतिम विश्रामस्थली माना जा रहा है.

एयर/सी हेरिटेज फाउंडेशन अब प्यूर्टो रिको सरकार के साथ मिलकर इस स्थान को संरक्षित करने और हादसे में जान गंवाने वालों की याद में एक स्मारक बनाने की दिशा में काम कर रहा है. इस खोज की जानकारी हादसे से प्रभावित परिवारों और आज जीवित बचे दो लोगों तक भी पहुंचा दी गई है.

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