नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र आंदोलन के बीच दिल्ली पुलिस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में संसद मार्च के दौरान नॉर्थ-ईस्ट जिले के एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ हाथापाई करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
वायरल वीडियो में महिला पुलिस के इस व्यवहार का विरोध करती नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
मामले के बाद दिल्ली पुलिस ने एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा को उनकी मूल तैनाती वाली यूनिट में वापस भेजने का फैसला किया है। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि वीडियो वायरल होने के एक दिन बाद ADCP संदीप लांबा को उनके पोस्टिंग वाले स्टेशन पर वापस जाने को कहा गया है. दरअसल, दिल्ली, अंडमान और निकोबार आइलैंड्स पुलिस सर्विस (DANIPS) के ऑफिसर संदीप लांबा संसद मार्च से जुड़े प्रोटेस्ट के वीडियो के सामने आने के बाद से चर्चा में हैं.
CJP के संसद मार्च में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए थे. पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज कर उन्हें संसद की ओर जाने से रोका था. इसी दौरान ADCP लांबा का वीडियो सामने आया था, जिसमें वो एक महिला प्रोटेस्टर को थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं, जबकि वो महिल एक किनारे खड़ी थी.
बता दें कि इस वीडियो के खिलाफ सोशल मीडिया पर जनता का आक्रोश देखने को भी मिला था. यही नहीं बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीनियर वकील गोपाल शंकरनारायणन ने 20 जुलाई को पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का मामला भी उठाया था. उन्होंने कोर्ट को बताया था कि एक वीडियो में ADCP संदीप लांबा का बैज एक ऐसी महिला को थप्पड़ मारते हुए दिख रहे हैं जो बस एक तरफ खड़ी थी और कुछ नहीं कर रही थी. उन्होंने कोर्ट में मांग की थी कि ADCP लांबा को कोर्ट में बुलाकर उनके कृत्य का जवाब देने के लिए कहा जाना चाहिए.

