धनबाद: लुबी सर्कुलर रोड स्थित विवाद भवन में आयोजित ‘रंगशाला 2026’ कार्यक्रम में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक एवं पूर्व मंत्री सरयू राय ने भारतीय कला, रंगमंच और सनातन संस्कृति के महत्व पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारतीय कला ने हमेशा समाज को नई दिशा दी है और सामाजिक जागरूकता का प्रभावी माध्यम रही है।
कला और रंगमंच समाज को करते हैं जागरूक
द ब्लैक पर्ल्स धनबाद, ऑल इंडिया कल्चरल काउंसिल वाराणसी और रंग संस्कार थिएटर ग्रुप द्वारा आयोजित सात दिवसीय कार्यशाला में सरयू राय ने कलाकारों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि सनातन काल से मनोरंजन के अनेक माध्यम रहे हैं, जिनमें नाट्य कला का विशेष स्थान है। नाटक केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को शिक्षित और जागरूक करने का भी प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, सभ्यता और कला समाज को सशक्त बनाने की मजबूत आधारशिला हैं तथा कला के माध्यम से सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
कलाकारों को दिया जमशेदपुर आने का निमंत्रण
कार्यक्रम के दौरान सरयू राय ने आगामी 14 से 20 नवंबर तक जमशेदपुर में आयोजित होने वाले माघ मेला में द ब्लैक पर्ल्स धनबाद की टीम को भाग लेने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कलाकारों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि धनबाद में कलाकारों के लिए बेहतर रंगमंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम संयोजिका शारदा गिरी ने उनका स्वागत किया और संस्था की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट किया।
धनबाद में रंगमंच की कमी पर उठी चिंता
कार्यक्रम में पूर्व बियाडा चेयरमैन एवं समाजसेवी बिजय झा ने कहा कि धनबाद में प्रतिभाशाली कलाकारों की कोई कमी नहीं है, लेकिन उनके प्रदर्शन के लिए उपयुक्त मंच उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी सभागारों का किराया काफी अधिक है, जबकि कलाकारों के लिए बने कला भवन की स्थिति भी जर्जर हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि इस सात दिवसीय कार्यशाला में अभिनय, मेकअप, मुखौटा निर्माण और रंगमंच से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय कलाकारों को नई तकनीकों की जानकारी मिल रही है।

