झरिया/धनबाद: लोदना क्षेत्र संख्या-10 की वर्षों पुरानी जनसमस्याओं के समाधान को लेकर झरिया विधायक रागिनी सिंह ने सोमवार को बीसीसीएल लोदना एरिया-10 के महाप्रबंधक अनिल कुमार सिंह के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े 17 सूत्री मांग-पत्र सौंपते हुए प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
पेयजल, सड़क, बिजली और आवास समेत कई मुद्दों पर चर्चा
बैठक में मंदिर निर्माण, पेयजल संकट, बिजली व्यवस्था, सड़क मरम्मत, ट्रांसफॉर्मर की स्थापना, जलापूर्ति पाइपलाइन, स्ट्रीट लाइट, खेल मैदान का सौंदर्यीकरण, सामुदायिक भवन की मरम्मत, आवास आवंटन तथा जर्जर भवनों की मरम्मत सहित विभिन्न जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मांग-पत्र में गोल्डेन पहाड़ी स्थित सिद्ध गुरु चेतन्य शक्ति पीठ मंदिर के निर्माण कार्य को पूरा कराने, कुसुंडा कॉलियरी क्षेत्र में पेयजल एवं पिट वाटर की व्यवस्था, झरिया चार नंबर बस स्टैंड सब्जी बाजार तक जलापूर्ति पाइपलाइन बिछाने तथा जामाडोबा, जोगीडीह, जीतपुर और लोदना समेत कई इलाकों में बुनियादी सुविधाओं के स्थायी समाधान की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।
प्रबंधन ने दिया सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन
बैठक में क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक अमित कुमार महतो एवं परियोजना पदाधिकारी अनिल कुमार भी उपस्थित रहे। बीसीसीएल प्रबंधन ने विधायक द्वारा उठाए गए सभी जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक पहल करते हुए प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
“जनता की समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता”
बैठक के बाद विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि लोदना क्षेत्र की जनता ने जिस विश्वास के साथ उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना है, उस विश्वास पर खरा उतरना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक को पेयजल, बिजली, सड़क, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और जब तक सभी मांगों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक उनका प्रयास लगातार जारी रहेगा।
स्थानीय जनप्रतिनिधि और लोग रहे मौजूद
बैठक में विधायक प्रतिनिधि के.डी. पांडेय, अखिलेश सिंह, राज किशोर जेना, रामाधार सिंह, उमेश यादव, संजय यादव, रविकांत पासवान सहित बड़ी संख्या में स्थानीय मजदूर, क्षेत्रवासी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने पर भी जोर दिया गया।

