कानपुर: कानपुर के महाराजपुर थाने के बाहर खुद को आग लगाने वाले 38 वर्षीय महेश पासवान की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह कई दिनों से लखनऊ के अस्पताल में भर्ती थे और जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे। महेश इंसाफ की उम्मीद लेकर थाने पहुंचे थे। इस बीच उनका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। वीडियो में वह खुद को काफी परेशान बताते नजर आ रहे हैं। महेश की मौत के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है।
महाराजपुर थाना क्षेत्र के फुफुवार गांव के रहने वाले महेश पासवान मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। वर्ष 2015 में उसकी शादी सचेंडी क्षेत्र की रहने वाली पूनम से हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं। पुलिस के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था और इसी तनाव के चलते हालात लगातार बिगड़ते चले गए। जानकारी के अनुसार, 14 जुलाई की सुबह महेश अपनी पत्नी से जुड़े विवाद की शिकायत लेकर महाराजपुर थाने पहुंचा था। शिकायत दर्ज कराने के कुछ समय बाद वह थाने के मुख्य द्वार के बाहर आया और अचानक अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। वहां मौजूद पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उसने माचिस जलाकर खुद को आग लगा ली।
घटना के बाद थाने में अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने तत्काल कंबल और पानी की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया। युवक को बचाने की कोशिश में थाना प्रभारी निरीक्षक जनार्दन सिंह, उपनिरीक्षक गौरव सौलिया और सिपाही अरुण कुमार भी झुलस गए। गंभीर रूप से झुलसे महेश को पहले उर्सला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसकी हालत नाजुक होने पर लखनऊ के KGMU रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान रविवार देर रात उसकी मौत हो गई। महेश की मौत के बाद एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष से परेशान होने की बात कह रहा है। हालांकि, पुलिस इस वीडियो की भी जांच कर रही है और उसकी सत्यता की पुष्टि की जा रही है।
मृतक की बहन दया ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष ने पहले महेश के साथ मारपीट की और बाद में उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया। उनका कहना है कि इसी से आहत होकर महेश न्याय की उम्मीद में थाने पहुंचा था। परिवार का दावा है कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान भी महेश ने अपने साथ हो रही प्रताड़ना का जिक्र किया था। महाराजपुर थाना पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

