मशहूर वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 18 दिनों से अनशन पर हैं। वह शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनके अनशन को लेकर कई लोग समर्थन कर रहे हैं, वहीं कई लोग उनकी सेहत को लेकर भी चिंता जता रहे हैं।
इसी बीच बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा भी सोनम वांगचुक के समर्थन में सामने आई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि वह आमतौर पर ऐसे मुद्दों पर बयान नहीं देतीं, लेकिन इस बार चुप रहना उनके लिए मुश्किल हो गया।
वीडियो में सोनाक्षी ने कहा कि सोनम वांगचुक ने देश के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया है और उन्हें कई सम्मान भी मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि वांगचुक बच्चों के बेहतर भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अनशन कर रहे हैं। सोनाक्षी ने यह भी कहा कि वह उन बच्चों के लिए आवाज उठा रहे हैं, जिनका भविष्य प्रभावित हो रहा है और जो मौजूदा व्यवस्था की कमियों का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, ‘हम सब उन्हें जानते हैं, पर वो हमें नहीं जानते. फिर भी वो अकेले इस देश के बच्चों के भविष्य के लिए उन्होंने 18 दिन से खाना नहीं खाया है और बहुत सारे लोग चुप हैं. अब मुझसे तो रहा नहीं गया क्योंकि जो होना है होगा, नो प्रॉब्लम. लेकिन मैं चुप नहीं बैठ सकती. मैं कॉकरोच जनता पार्टी के युवाओं को बधाई देना चाहती हूं कि उन्होंने सच के लिए आवाज उठाई और अच्छे के लिए लड़ रहे है. लेकिन कोई सुन क्यों नहीं रहा? कोई इस बारे में बात नहीं कर रहा, कोई इनकी फिक्र नहीं कर रहा और कोई उनकी तरफ मुड़कर देख भी नहीं रहा है.’
सोनाक्षी ने सोनम को कहा थैंक्यू
कई सवालों के साथ सोनाक्षी ने कहा, ‘मैंने भी सोचा कि मैं क्यों चुप हूं? मैं भी तो इस देश की युवा हूं, मैं भी इस देश का भला चाहती हूं और मैं कोई एंटी-नेशनल नहीं हूं. सोनम जी ने कहा कि आप मुझसे मत कहिए कि मैं अपना फास्ट तोडूं, बल्कि सरकार से कहिए कि वो हमसे बात क्यों नहीं कर रहे हैं? तो हां, आप सही हो सर, आप एक जेम हो और आपको मैं थैंक्यू यू कहना चाहती हूं, जो आप इस देश के लिए कर रहे हैं. मैं आपसे नहीं कहूंगी कि आप अपना फास्ट तोड़े, मैं भी यही पूछना चाहती हूं कि ये कब जाकर खत्म होगा? जब ये आदमी मर के चले जायेंगे, तब आप उठेंगे? ये किसकी रिस्पॉन्सिबिलिटी होगी? ठीक नहीं हो रहा जो हो रहा है और हमें अपनी आवाज उठानी चाहिए और अपनी आंखें खोलनी चाहिए. जय हिंद!’

