नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन करते हैं, लेकिन उनकी जान सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।
कपिल सिब्बल ने कहा कि अगर सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है, तो उन्हें अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में अभी कई बड़े मुद्दों पर मिलकर लड़ाई लड़नी है और इसके लिए सोनम वांगचुक की जरूरत है।
सिब्बल ने यह भी बताया कि उन्होंने वांगचुक की पत्नी से अनशन खत्म कराने की अपील करने को कहा है।
कपिल सिब्बल ने अन्ना हजारे के आंदोलन का किया जिक्र
उन्होंने आगे कहा कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज 18वां दिन है. सरकार ने अभी तक कोई पहल नहीं की. उन्होंने यूपीए शासन की पुरानी बातों का जिक्र करते हुए कहा, ”मुझे याद है कि जब अन्ना हजारे का आंदोलन हुआ था तो उस वक्त जब जब उन्होंने अनशन किया तो सरकार बातचीत कर थी न. क्योंकि सरकार जनता के लिए होती है. जनता की बात सुनने के लिए सरकार होती है. जब एक ऐसा मोड आ जाए कि सरकार कहे कि हम किसी की सुनेंगे ही नहीं, तो वो मोड आज हिंदुस्तान की राजनीति में आ चुका है.”
सांसद कपिल सिब्बल ने तंज कसते हुए कहा, ”सरकार को इस बात की ज्यादा फिक्र है कि किस तरह से पार्टियों को तोड़ें, किस तरह से दूसरी पार्टियों के सांसदों को तोड़ें, किस तरह से लोकसभा और राज्यसभा की बहुमत बढ़ाएं. किस तरह से दो तिहाई बहुमत हो जाए. किस तरह से संविधान बदल दें और किस तरह से चुनाव आयोग के माध्यम से वोटर्स के नाम काटे जाएं. इन सारी चीजों पर सरकार का बड़ा ध्यान है.”
धर्मेंद्र प्रधान कभी इस्तीफा नहीं देंगे
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा कि पेपर लीक हो रहे हैं लेकिन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता है. उन्होंने कहा, ”युवा आज क्यों वहां जुड़े हुए हैं? इसलिए न कि कितने पेपर लीक हो गए और अभी तक मंत्री जी ने इस्तीफा नहीं दिया. मैं देश की जनता से बताना चाहता हूं कि धर्मेंद्र प्रधान कभी इस्तीफा नहीं देंगे और ना ही सरकार इनको कहेगी कि इस्तीफा दो.”

