रांची। झारखंड के पांच जिलों की ट्रेजरी से फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये की कथित अवैध निकासी के मामले की जांच कई स्तरों पर जारी है। इस बीच बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी तथा एसपी कार्यालय से जुड़े मामलों में सीआईडी ने 10 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
जानकारी के अनुसार, दाखिल चार्जशीट में किसी भी डीडीओ (ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर) या ट्रेजरी अधिकारी का नाम शामिल नहीं है। वहीं, जिन जिलों में कथित फर्जी निकासी का मामला सामने आया था, वहां के ट्रेजरी अधिकारी अब भी अपने-अपने पदों पर कार्यरत हैं।
वित्त मंत्री ने अधिकारियों को दी क्लीन चिट
राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस मामले में कहा है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर किसी ट्रेजरी अधिकारी या वित्त विभाग के अधिकारी की संलिप्तता सामने नहीं आई है। उनके अनुसार, फिलहाल ट्रेजरी अधिकारियों को दोषी नहीं माना गया है।
अप्रैल में सामने आया था मामला
फर्जी निकासी का मामला सार्वजनिक होने के बाद बोकारो और हजारीबाग में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद 10 अप्रैल को वित्त विभाग ने पूरे प्रकरण की जांच सीआईडी को सौंपने की अनुशंसा की। अब सीआईडी ने दोनों मामलों में अलग-अलग चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी है।
उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट का इंतजार
मामले की विस्तृत जांच के लिए उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है, लेकिन अभी तक अपनी रिपोर्ट सरकार को नहीं सौंपी है।
सरकार की ओर से समिति को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कोई निर्धारित समय सीमा भी तय नहीं की गई है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि समिति की जांच में डीडीओ, ट्रेजरी अधिकारियों या अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर क्या निष्कर्ष सामने आएंगे।
फिलहाल मामले की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा जारी है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।

