पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सुंदरबन के पास बंगाल की खाड़ी में बड़ा हादसा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में लापता हुई एक मछली पकड़ने वाली नाव के नौ मछुआरे मृत मिले हैं, जबकि छह अन्य मछुआरे अब भी लापता हैं।
इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री मोदी ने शोक जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों और हादसे से प्रभावित लोगों के लिए आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में नाव पलटने से हुआ जानमाल का नुकसान बेहद पीड़ादायक है. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. ईश्वर करे कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं.’ उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद का ऐलान किया.
एक न्यूज एजेंसी ने अधिकारियों के हवाले से बताया, रविवार (12 जुलाई) को पुलिस, वन विभाग और भारतीय तटरक्षक बल के कर्मियों ने चुल्काठी जंगल के पास रक्ताचार इलाके में डूबे हुए नाव का पता लगाया. नाव को बाहर निकाल कर तलाशी ली गई तो नौ मछुआरों के शव मिले. ‘एफबी मां काली’ नाम की यह नाव 2 जुलाई को पूर्वी मिदनापुर जिले के शंकरपुर फिशरीज पोर्ट से 15 मछुआरों के साथ निकली थी.
खराब मौसम के चलते नाव से टूटा था संपर्क
बताया जा रहा है कि इलाके में खराब मौसम के कारण 5 जुलाई के बाद नाव से संपर्क टूट गया था. वहीं सुंदरबन टाइगर रिजर्व के डिप्टी फील्ड डायरेक्टर चित्रक भट्टाचार्य के नेतृत्व में पुलिस, तटरक्षक बल, वन विभाग और मछुआरा संगठनों का एक संयुक्त तलाशी अभियान चल रहा था.
अधिकारियों ने बताया कि लापता छह मछुआरों का अभी तक पता नहीं चल पाया है. बरामद शवों को पोस्टमार्टम के लिए काकद्वीप सब-डिविजनल अस्पताल भेजा गया है. बाकी मछुआरों का पता लगाने के लिए सोमवार को एक नया संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया.

