IIT (ISM) धनबाद में परमाणु विज्ञान पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ

IIT (ISM) धनबाद में परमाणु विज्ञान पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ

धनबाद: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के भौतिकी विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘सिम्पोजियम ऑन पार्टिकल-गामा कॉइनसिडेंस टेक्निक्स इन न्यूक्लियर साइंस (SPaGCoNS-2026)’ का सोमवार को पेनमैन ऑडिटोरियम में शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में देशभर के प्रमुख वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षक और छात्र भाग ले रहे हैं। उद्घाटन अवसर पर इंडियन न्यूक्लियर फिजिक्स एसोसिएशन (INPA) की आधिकारिक बुलेटिन ‘न्यूक्लियर होराइजन’ के दूसरे अंक का भी विमोचन किया गया।

परमाणु विज्ञान के विभिन्न विषयों पर होगी चर्चा

तीन दिनों तक चलने वाली इस संगोष्ठी में परमाणु संरचना, न्यूक्लियर रिएक्शन, न्यूक्लियर एस्ट्रोफिजिक्स, रेडियोएक्टिव आयन बीम, डिटेक्टर डेवलपमेंट और पार्टिकल-गामा कॉइनसिडेंस तकनीकों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ अपने शोध और अनुभव साझा करेंगे। आयोजन का उद्देश्य वैज्ञानिकों और शोधार्थियों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।

ऊर्जा सुरक्षा और अनुसंधान पर विशेषज्ञों का जोर

मुख्य अतिथि एवं इंडियन न्यूक्लियर फिजिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. ए. के. जैन ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में खनन, धातुकर्म और परमाणु विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि विभिन्न विषयों के बीच सहयोग से नई वैज्ञानिक खोजों का मार्ग प्रशस्त होगा और आईआईटी (आईएसएम) इस दिशा में अहम योगदान दे रहा है।

आईआईटी (आईएसएम) के उपनिदेशक प्रो. शरत कुमार दास ने कहा कि बुनियादी विज्ञान और इंजीनियरिंग के बीच बेहतर समन्वय समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रतिभागियों से संस्थान की आधुनिक शोध सुविधाओं का लाभ उठाने और नए शोध सहयोग विकसित करने का आह्वान किया।

विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में परमाणु विज्ञान की भूमिका

डीन (सीई एंड ओ) प्रो. केका ओझा ने कहा कि परमाणु विज्ञान स्वच्छ ऊर्जा, तकनीकी आत्मनिर्भरता और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वहीं डीन (आरएंडडी) प्रो. पार्थसारथी दास ने क्रिटिकल मिनरल्स, स्वास्थ्य और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में न्यूक्लियर फिजिक्स के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।

भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. वी. के. राय ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विभाग की शैक्षणिक एवं शोध उपलब्धियों की जानकारी दी। संगोष्ठी के संयोजक प्रो. सौम्य बागची ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि सह-संयोजक प्रो. अमिताभ अदक ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

दूसरे दिन होगी विशेष पैनल चर्चा

संगोष्ठी के दौरान विभिन्न तकनीकी व्याख्यानों और पोस्टर प्रस्तुतियों के साथ दूसरे दिन पार्टिकल-गामा कॉइनसिडेंस सेटअप पर एक विशेष पैनल चर्चा भी आयोजित की जाएगी। यह आयोजन परमाणु विज्ञान के क्षेत्र में नए अनुसंधान और सहयोग की संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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