आसनसोल: रविवार सुबह आसनसोल उत्तर थाना क्षेत्र के चंदामारी इलाके में राइफल क्लब का निरीक्षण करने पहुंचे एक मंत्री ने मदरसा शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मदरसा के छात्रों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना आवश्यक है ताकि उन्हें भी आधुनिक शिक्षा और बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।
मदरसा शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में मदरसों के विकास के लिए ₹5,000 करोड़ स्वीकृत किए गए थे। उनका दावा है कि उस राशि के उपयोग को लेकर भारतीय जनता पार्टी की ओर से विवरण मांगा गया था, लेकिन उसका संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
शिक्षा सुधार की कही बात
मंत्री ने कहा कि एक मुस्लिम परिवार अपने बच्चों को शिक्षा के उद्देश्य से मदरसे में भेजता है और उन्हें आधुनिक शिक्षा तथा बेहतर भविष्य के अवसर मिलने चाहिए। उनके अनुसार, शिक्षा व्यवस्था में ऐसे सुधार किए जाने चाहिए जिससे मदरसों के छात्र-छात्राएं भी डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में आगे बढ़ सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि मदरसा शिक्षा को समाज की मुख्यधारा की शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की आवश्यकता है।
भारत-विरोधी गतिविधियों को लेकर दिया बयान
मंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि “विभिन्न जानकारियों के अनुसार” कुछ खारिजी मदरसों में भारत-विरोधी शिक्षा और अन्य अवैध गतिविधियों से संबंधित बातें सामने आई हैं। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने कोई विशिष्ट साक्ष्य या आधिकारिक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की।
नोट: यह दावा मंत्री के सार्वजनिक बयान पर आधारित है। इस संबंध में स्वतंत्र रूप से पुष्टि या संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक उपलब्ध नहीं हो सकी है।
(न्यूज़ ANP के लिए पश्चिम बंगाल से अतीकुर रहमान की रिपोर्ट)

