रांची। राजधानी के दशम फॉल थाना क्षेत्र में मंगलवार को हुई कथित रोड रेज और कार का शीशा तोड़ने की घटना की जांच में नया घटनाक्रम सामने आया है। शुरुआती सोशल मीडिया पोस्ट और कुछ मीडिया रिपोर्टों में इसे सरेआम गुंडागर्दी और युवतियों के साथ बदसलूकी की घटना बताया गया था, लेकिन पुलिस जांच और दोनों पक्षों के बयानों के बाद मामला सड़क दुर्घटना के बाद हुए विवाद का बताया जा रहा है।
सड़क दुर्घटना के बाद शुरू हुआ विवाद
जांच में सामने आया कि जमशेदपुर से हजारीबाग जा रही एक कार की टक्कर आगे चल रही एक स्कॉर्पियो से हो गई। आरोप है कि टक्कर के बाद कार चालक वाहन रोकने के बजाय आगे बढ़ गया। इसके बाद स्कॉर्पियो सवार लोगों ने कार का पीछा किया और आगे जाकर उसे रोक लिया।
कार का शीशा टूटा, वीडियो हुआ वायरल
बताया गया कि विवाद के दौरान गुस्से में कार का शीशा तोड़ दिया गया। इसी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद इसे रोड रेज और गुंडागर्दी की घटना के रूप में प्रचारित किया गया। हालांकि, पुलिस जांच में पूरे घटनाक्रम की अलग तस्वीर सामने आई।
पुलिस ने समय पर पहुंचने का किया दावा
पुलिस के अनुसार, स्टेट कंट्रोल रूम को दोपहर 12:33 बजे सूचना मिली, जिसके बाद जिला कंट्रोल रूम ने संबंधित थाना को अलर्ट किया। पुलिस का कहना है कि सूचना मिलने के कुछ ही मिनटों के भीतर पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच गई थी और स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि हाईवे पेट्रोलिंग वाहन निर्धारित रूट पर सक्रिय था।
दोनों पक्षों में हुआ आपसी समझौता
घटना के बाद स्थानीय लोगों और दोनों पक्षों की मौजूदगी में बातचीत हुई। इसके बाद आपसी सहमति से लिखित समझौता किया गया। जानकारी के अनुसार, कार को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 30 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया और दोनों पक्षों ने पुलिस में शिकायत नहीं करने पर सहमति जताई। इस पूरे घटनाक्रम में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
पुलिस जांच के बाद स्थिति सामान्य
पुलिस का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों, बयानों और जांच के आधार पर मामले की पड़ताल की गई। प्रशासन के हस्तक्षेप और दोनों पक्षों के समझौते के बाद फिलहाल स्थिति सामान्य है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी घटना से जुड़ी अपुष्ट या अधूरी जानकारी साझा करने से पहले आधिकारिक तथ्यों का इंतजार करें।

