अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हालिया अमेरिकी हमलों में आठ ईरानी सैनिकों के मारे जाने की खबर है।
इस बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरानी संसद की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने कहा कि अगर अमेरिका खार्ग द्वीप पर हमला करता है, तो कोई भी अमेरिकी सैनिक जिंदा वापस नहीं लौटेगा। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
बता दें कि रेजाई ने नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की खार्ग द्वीप पर कब्जे की धमकी का जवाब देते हुए एक्स पर लिखा कि एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा। चलो, हम तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि ईरान अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप पर हमले और कब्जे की धमकी दी थी। खार्ग द्वीप ईरान का मुख्य तेल निर्यात केंद्र है, जहां से देश का लगभग 90 फीसदी कच्चा तेल निर्यात होता है।
ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर द्वीप पर नियंत्रण हासिल करने और ईरान के तेल बुनियादी ढांचे पर कब्जा करने के लिए तैयार है।
बता दें कि ईरान ने जवाब में बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। बहरीन में अमेरिकी नेवी का फिफ्थ फ्लीट तैनात है, जबकि कुवैत में अमेरिकी थलसेना के सैनिक हैं। कुवैती अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने ईरान की दो बैलिस्टिक मिसाइलें और 13 ड्रोन को नष्ट कर दिया।

