अफगानिस्तान क्रिकेट को बड़ा झटका लगा है। टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान का 38 साल की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से एक दुर्लभ और गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है।
शापूर जादरान पिछले कई महीनों से भारत के एक अस्पताल में भर्ती थे। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए भारत लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। शापूर जादरान को अफगानिस्तान में क्रिकेट को आगे बढ़ाने वाले शुरुआती खिलाड़ियों में गिना जाता था।
जादरान हेमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित थे। यह ऐसी गंभीर बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) असामान्य रूप से सक्रिय होकर शरीर के ही अंगों पर हमला करने लगती है।
गंभीर संक्रमण के कारण बिगड़ गई थी गेंदबाज की तबीयत
परिवार के अनुसार, उनकी हालत एक गंभीर संक्रमण के कारण और बिगड़ गई थी। उनके भाई घमई जादरान ने पहले बताया था, ‘यह बेहद गंभीर संक्रमण था। उनके पूरे शरीर में संक्रमण फैल गया था, जिसमें टीबी (तपेदिक) भी शामिल थी। संक्रमण उनके मस्तिष्क तक पहुंच गया था।’ कुछ समय के लिए उनकी हालत में सुधार हुआ और उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी मिल गई थी, लेकिन संक्रमण दोबारा तेजी से फैल गया। इसके बाद उन्हें फिर से आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां 39वें जन्मदिन से एक दिन पहले उन्होंने अंतिम सांस ली।
क्रिकेट बोर्ड ने पूर्व तेज गेंदबाज के निधन पर जताया शोक
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने बयान में कहा, ‘गहरे दुख और शोक के साथ अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान के निधन पर शोक व्यक्त करता है। शापूर जादरान अफगानिस्तान क्रिकेट की नींव रखने वाले खिलाड़ियों में से एक थे। उनके समर्पण, जुनून और अटूट प्रतिबद्धता ने हमारे देश में क्रिकेट के विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।’
बोर्ड ने आगे कहा, ‘अपने पूरे करियर के दौरान शापूर ने सम्मान, साहस और गर्व के साथ अफगानिस्तान क्रिकेट की सेवा की। मैदान के बाहर भी वह युवा खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणा थे। उनका संघर्ष, दृढ़ संकल्प और खेल के प्रति प्रेम आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने की प्रेरणा देता रहेगा।’
आपको बता दें कि शापूर जादरान का नाम अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा।

