वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद एक चमत्कारी घटना सामने आई है। यहां 44 साल के एक सिक्योरिटी गार्ड को शॉपिंग मॉल के मलबे में करीब 7 दिन तक फंसे रहने के बाद सुरक्षित जिंदा बाहर निकाल लिया गया।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को अल साल्वाडोर और चिली की रेस्क्यू टीमों ने उत्तरी राज्य ला गुआइरा में स्थित 9 मंजिला गैलेरियास प्लाया ग्रांडे शॉपिंग सेंटर के मलबे से हेरनान अल्बर्टो गिल को सुरक्षित बाहर निकाला।
अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने बताया कि गार्ड को बचाने का अभियान सोमवार से शुरू किया गया था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी भी साझा की।
बचावकर्मियों ने एक ट्यूब के जरिए मलबे में फंसे गार्ड तक पानी और जरूरी तरल पदार्थ पहुंचाए, ताकि वह जीवित रह सके। इमारत का ढांचा काफी कमजोर होने के कारण रेस्क्यू टीम को गार्ड तक सुरक्षित पहुंचने के लिए दो अलग-अलग सुरंगें खोदनी पड़ीं। कई दिनों की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार गार्ड को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
उन्होंने बताया कि गुरुवार सुबह गिल को मलबे से स्ट्रेचर पर बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस में ले जाया गया. इस तरह आखिरकार हेरनान अल्बर्टो गिल को बचा लिया गया. बुकेले ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह बचाव अभियान चिली, अमेरिका, पुर्तगाल, मैक्सिको, कोस्टा रिका, वेनेजुएला और अल साल्वाडोर की टीमों की मिली-जुली कोशिशों से ही मुमकिन हो पाया. इन टीमों ने मलबा हटाने, ढांचे को स्थिर करने और हेरनान तक पहुंचने का रास्ता बनाने के लिए दिन-रात मेहनत की.
चिली की अग्निशमन सेवा ने बताया कि बचाव अभियान लगभग 70 घंटे तक चला और बाहर निकाले जाने के बाद गिल की हालत ठीक थी. बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार 8 दिन पहले 1 मिनट से भी कम समय के अंतराल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के 2 भूकंप आए, जिनमें 2,295 लोगों की मौत हो गई.
मृतकों की संख्या 10 हजार पार
इस आपदा के बाद लापता लोगों की संख्या लगभग 60,000 तक पहुंच गई थी, लेकिन गुरुवार सुबह तक बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले ऑनलाइन डेटाबेस में यह संख्या घटकर लगभग 38,600 रह गई. भूकंप से सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्य ला गुएरा में सेलफोन सेवा अभी भी रुक-रुक कर चल रही है. संयुक्त राष्ट्र के एक दूत ने कहा कि वो वेनेजुएला के लिए 10,000 बॉडी बैग मंगा रहे है, जबकि US जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) का अनुमान है कि मरने वालों की कुल संख्या 10,000 से ज्यादा हो सकती है.

