देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 2 जुलाई तक मानसून दिल्ली, उत्तर प्रदेश के बचे हुए हिस्सों, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब के अधिकांश क्षेत्रों और गुजरात के कुछ इलाकों में पहुंच चुका है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों में मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब के बाकी हिस्सों और राजस्थान के कुछ अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ सकता है। इसके लिए मौसम की परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसके अगले 2 से 3 दिनों में और मजबूत होने की संभावना है. इसके असर से अगले 5 दिनों तक मध्य भारत में मानसून सक्रिय रहेगा. 2 से 5 जुलाई के बीच दक्षिण गुजरात और कोंकण, 2 से 4 जुलाई तक सौराष्ट्र-कच्छ, 3 और 4 जुलाई को पश्चिमी मध्य प्रदेश व ओडिशा तथा 3 से 5 जुलाई तक मध्य महाराष्ट्र में कहीं-कहीं भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है.
उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सभी हिस्सों तक पहुंच चुका है. पिछले 24 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश हुई, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक राज्य में बारिश का दौर जारी रह सकता है.
दिल्ली का कैसा रहेगा मौसम
दिल्ली-एनसीआर में मानसून की एंट्री के साथ मौसम बदल गया है. 2 जुलाई को बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश, आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. हवा के झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. 3 से 5 जुलाई तक भी बादल, हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है.
महाराष्ट्र में कैसा रहेगा अलर्ट
मुंबई और आसपास के इलाकों में फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं. मौसम विभाग ने 2 से 5 जुलाई तक कोंकण और 3 से 5 जुलाई तक मध्य महाराष्ट्र के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है.
बता दें कि मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है. आंधी-तूफान और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों. जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें, यात्रा से पहले ट्रैफिक की जानकारी लें और मौसम विभाग की ताजा एडवाइजरी का पालन करें.

