20 साल बाद केरल से लौटीं धनबाद की कबली देवी, OSC के प्रयास से मिला परिवार का सहारा

20 साल बाद केरल से लौटीं धनबाद की कबली देवी, OSC के प्रयास से मिला परिवार का सहारा

धनबाद, झारखंड। Dhanbad की पूर्वी टुंडी प्रखंड के दलदली गांव, पंचायत चुरुरिया की रहने वाली 60 वर्षीय कबली देवी 20 साल बाद केरल से सकुशल वापस लौटी हैं। यह सफल वापसी जिला समाज कल्याण विभाग और वन स्टॉप सेंटर (OSC) के संयुक्त प्रयासों से संभव हो सकी।

20 साल पहले हुई थीं लापता

कबली देवी करीब दो दशक पहले अचानक लापता हो गई थीं। लंबे समय तक खोजबीन के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने उन्हें मृत मानकर अंतिम संस्कार की रस्में भी पूरी कर दी थीं। इस बीच उनके पति ने दूसरा विवाह कर लिया था, जिससे परिवार की स्थिति पूरी तरह बदल गई थी।

केरल के आशा भवन में मिलीं कबली देवी

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेहा कश्यप ने बताया कि कबली देवी को केरल के कालीकट स्थित सरकारी आशा भवन (महिला) में पाया गया। केरल पुलिस के निरीक्षक शिवनमुनाथिल की जांच के बाद उनके धनबाद स्थित परिवार का पता लगाया गया और सूचना साझा की गई।

इससे पहले स्थानीय प्रशासनिक स्तर पर भी प्रयास किए गए थे, लेकिन परिजनों से संपर्क स्थापित नहीं हो सका था।

OSC टीम ने किया सफल रेस्क्यू ऑपरेशन

वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक साधना कुमारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर केरल भेजी गई। जिला बाल संरक्षण इकाई के परामर्शदाता मदन मोहन महथा और OSC की होमगार्ड आरती कुमारी 23 से 28 जून तक केरल में रहकर कबली देवी को सुरक्षित वापस लेकर आए।

वर्तमान में उन्हें धनबाद OSC में रखा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है। इस दौरान विभिन्न अधिकारियों और महिला संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी उनकी देखभाल और मानसिक सहायता की।

परिवार से मिलने की उम्मीद, प्रशासन तैयार

कबली देवी के बेटे, बेटी और दामाद को सूचना दे दी गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक कोई परिजन OSC नहीं पहुंचा है। प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर संपर्क स्थापित करने के लिए सेविका को उनके घर भेजा है।

DSWO स्नेहा कश्यप ने कहा कि प्राथमिकता यह है कि कबली देवी अपने परिवार के साथ रहें। यदि परिजन तैयार नहीं होते हैं, तो प्रशासन उनके पुनर्वास की पूरी व्यवस्था करेगा। इसके लिए वृद्धाश्रम और हाफवे होम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल कबली देवी का स्वास्थ्य परीक्षण और दवाइयों का प्रबंधन किया जा रहा है, ताकि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिल सके।

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