धनबाद: राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन (इंटक) ने संयुक्त मोर्चा (ज्वाइंट फ्रंट) की ओर से आयोजित मांग दिवस को सफल बनाने के लिए कोयला श्रमिकों, पदाधिकारियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है। यूनियन का दावा है कि भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) समेत कोल इंडिया की सभी अनुषंगी कंपनियों के कर्मचारियों ने आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की।
यूनियन के महामंत्री ए.के. झा, कार्यकारी अध्यक्ष ब्रजेन्द्र प्रसाद सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष अनुपमा सिंह ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी कर केंद्र सरकार की श्रम नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लेबर कोड के माध्यम से श्रमिकों के आर्थिक, सामाजिक और श्रम अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है।नेताओं का कहना है कि मजदूरों की मजदूरी, सुविधाओं और रोजगार सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। साथ ही 12वें वेज बोर्ड के गठन में हो रही देरी पर भी उन्होंने चिंता जताई और इसे जल्द लागू करने की मांग की।
यूनियन ने कहा कि वह श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगी। संगठन का कहना है कि जब तक श्रमिकों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
प्रेस वक्तव्य में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी उल्लेख करते हुए यूनियन नेताओं ने कहा कि वे श्रमिकों, किसानों और युवाओं के मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं। साथ ही यूनियन ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमार जयमंगल (अनूप सिंह) के नेतृत्व में श्रमिक हितों की लड़ाई जारी रखने की बात दोहराई।

