अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने कथित चंदा घोटाले के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चुप्पी तोड़ने की मांग की है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चंदे में गड़बड़ी हुई है और भक्तों के पैसे का गलत इस्तेमाल किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “राम मंदिर के भूमिपूजन से लेकर उसकी प्राण-प्रतिष्ठा तक, सब कुछ अपनी देखरेख में कराने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चढ़ावे की इस चोरी पर एक शब्द भी नहीं बोल रहे हैं. उन्हें अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए और इस धोखे के लिए भक्तों से माफी मांगनी चाहिए. उनकी यह चुप्पी कई बड़े सवाल खड़े करती है.”
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का जिक्र करते हुए श्रीनेत ने कहा कि यह कोई साधारण ट्रस्ट नहीं है. इसकी घोषणा नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2020 में की थी. इसके पदाधिकारी वे लोग हैं जो जीवन भर आरएसएस से जुड़े रहे हैं, जिन्होंने संघ के स्वयंसेवक के रूप में काम किया है. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि इनमें से कुछ मोदी के पसंदीदा हैं, तो कुछ (उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री) योगी आदित्यनाथ के.
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-आरएसएस ने इस ट्रस्ट को अपने ही लोगों से भर दिया और इसे आरटीआई (RTI) के दायरे से बाहर रखा. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “ऐसी स्थिति में, जब यह ट्रस्ट अपनी पूरी साख खो चुका है, इसे तुरंत भंग कर दिया जाना चाहिए. चढ़ावे की इस चोरी ने आरएसएस को बेनकाब कर दिया है और देश को दिखा दिया है कि यह लालची और पापियों से भरा हुआ है.”
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और अन्य नेताओं को राम मंदिर के दौरे से पहले नजरबंद (हाउस अरेस्ट) किए जाने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “आज पूरे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस नेताओं को उनके घरों में नजरबंद किया जा रहा है. विपक्ष के खिलाफ यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि भगवान राम को लूटने वाले बचकर निकल सकें.”
कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल किया, “राम मंदिर में हुई चोरी से जुड़े लोग कौन हैं? चंदे की चोरी के आरोपों के बाद एफआईआर (FIR) दर्ज करने में देरी क्यों हुई? (ट्रस्ट के पूर्व महासचिव) चंपत राय को कौन संरक्षण दे रहा है?” सुप्रिया श्रीनेत ने आगे कहा कि भगवान श्री राम का मंदिर आस्था, विश्वास और सम्मान का प्रतीक है. देश भर के करोड़ों लोगों की आस्था इस मंदिर से जुड़ी है, और इसीलिए लोगों ने दान दिया. लेकिन भाजपा सरकार और ट्रस्ट ने करोड़ों हिंदुओं के भरोसे के साथ विश्वासघात किया है. उन्होंने योगी सरकार से मांग की कि एसआईटी (SIT) जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए.

