राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा झटका! आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ेंगे अयोध्या के वकील

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा झटका! आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ेंगे अयोध्या के वकील

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों को अयोध्या में कानूनी मदद मिलना मुश्किल हो सकता है। फैजाबाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस मामले में आरोपियों की पैरवी नहीं करने पर विचार किया जा रहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने कहा कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला सोमवार को होने वाली आम बैठक में लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि साल 2005 में भी अयोध्या के वकीलों ने ऐसा ही निर्णय लिया था, जब राम जन्मभूमि परिसर पर हुए आतंकवादी हमले के आरोपियों की पैरवी नहीं करने का फैसला किया गया था। बार एसोसिएशन के सूत्रों के अनुसार, जिले के अधिवक्ताओं में राम मंदिर के चढ़ावे के कथित चोरी की घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और वे मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। 

कथित चोरी की घटना से सभी आहत

बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने कहा, ‘मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी की घटना से हम सभी आहत हैं। फैजाबाद के अधिवक्ताओं ने आरोपियों की पैरवी नहीं करने पर सहमति जताई है। इस संबंध में अंतिम निर्णय आम सभा की बैठक में लिया जाएगा। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।’ 

इस बीच, कई वकीलों ने आरोपियों को कथित तौर पर ‘गुपचुप तरीके’ से रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने पर भी नाराजगी जताई। वकील विवेक कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस को आरोपियों को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की तरह उन्हें पहले जनता के बीच ले जाया जाना चाहिए था। 

8 आरोपियों के घरों पर छापेमारी की गई

पुलिस सूत्रों ने बताया कि राम मंदिर में दान के कथित गबन मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों के घरों पर रविवार को एक साथ छापेमारी की गई। सूत्रों के अनुसार, स्थानीय मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस टीम ने लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रमाशंकर यादव समेत सभी आरोपियों के घरों की तलाशी ली। यह कार्रवाई अयोध्या की एक अदालत द्वारा सभी 8 आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के दो दिन बाद की गई। माना जा रहा है कि सोमवार को आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने पर पुलिस उनकी रिमांड का अनुरोध कर सकती है। 

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