प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने असम के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी प्रशांत कुमार दत्ता, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 53.28 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की है। जब्त की गई संपत्तियों में गुवाहाटी के चार होटल और मुंबई के अंधेरी (पश्चिम) इलाके में स्थित दो फ्लैट शामिल हैं। ईडी इस मामले में आगे की जांच कर रही है।
ईडी ने बताया कि यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई है। दत्ता 2019 में डीआईजी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके खिलाफ असम पुलिस की विजिलेंस और भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मामला दर्ज किया था।
77.21 करोड़ संपत्ति जब्त
जांच एजेंसियों के अनुसार, 1992 से 2019 के बीच दत्ता और उनकी पत्नी की घोषित आय करीब 7.23 करोड़ रुपये थी, जबकि खर्च 9.04 करोड़ रुपये बताया गया। इसके बावजूद उनके पास करीब 77.21 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति मिलने का दावा किया गया है। कुल आय से अधिक संपत्ति लगभग 79.01 करोड़ रुपये आंकी गई है।
ईडी का आरोप है कि अवैध धन को तीन निजी कंपनियों—महामाया एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड, ईशान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड और मुरारी कमोडिटीज प्राइवेट लिमिटेड—के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई। जांच में इन कंपनियों के पंजीकृत कार्यालय भी संदिग्ध पाए गए।
एजेंसी के मुताबिक, होटल और फ्लैट खरीदने से पहले 14.74 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाब नकदी को परिवार के सदस्यों, फर्जी शेयरधारकों, कोलकाता की शेल कंपनियों और सर्कुलर बैंक लेनदेन के जरिए घुमाया गया।
ईडी ने यह भी आरोप लगाया कि एफआईआर और ईसीआईआर दर्ज होने के बाद दत्ता ने ईशान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड के 3.7 लाख शेयर अपने नाम कराकर कंपनी में सबसे बड़ी हिस्सेदारी हासिल कर ली। मामले की जांच जारी है।

