प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुहर्रम के मौके पर प्लेटफॉर्म एक्स पर मैसेज शेयर किया. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि हजरत इमाम हुसैन (AS) की कुर्बानी आज भी लोगों को सच्चाई और इंसाफ़ के रास्ते पर डटे रहने की प्रेरणा देती है. उन्होंने यह भी कहा कि यह बलिदान हिम्मत और मजबूत विश्वास की हमेशा रहने वाली ताकत की याद दिलाता है.
लोग काले कपड़े पहनते हैं, मजलिसें होती हैं
मुहर्रम का चांद दिखाई देते ही पूरी दुनिया में इस्लाम के मानने वालों के दिलों में गहरा दुख महसूस होने लगता है. लोग काले कपड़े पहनते हैं, मजलिसें होती हैं और मातम की आवाजें सुनाई देने लगती हैं. इस महीने को बलिदान के तौर पर याद किया जाता है, क्योंकि इसी समय नबी के नवासे इमाम हुसैन (AS) और उनके साथियों को कर्बला की गर्म रेत पर शहीद कर दिया गया था. उनके साथ 72 लोग थे, जिनमें एक छोटा 6 महीने का बच्चा अली असगर भी था, जिसे बहुत प्यासा होने के बावजूद शहीद कर दिया गया.

