धनबाद: झरिया के बस्ताकोला निवासी आयुष कुमार ने भारतीय सेना का कठिन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। गुरुवार तड़के जब वह अपने घर पहुंचे तो पूरे इलाके में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करते हुए तिरंगा यात्रा निकाली और देशभक्ति के नारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया।
आयुष कुमार के स्वागत में गौशाला मोड़ से उनके आवास तक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, युवा और उनके मित्र शामिल हुए। लोगों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया और देश सेवा के प्रति उनके समर्पण को सलाम किया।
परिवार ने किया पारंपरिक स्वागत
घर पहुंचने पर आयुष कुमार का परिवार भावुक नजर आया। उनकी मां कविता देवी, बड़ी मां सुनीता देवी और दादी सावित्री देवी ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनकी आरती उतारी और तिलक लगाकर घर में प्रवेश कराया। इस दौरान परिजन, रिश्तेदार और क्षेत्र के गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत
स्थानीय लोगों ने कहा कि आयुष कुमार की सफलता पूरे बस्ताकोला क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उनकी मेहनत, अनुशासन और देश सेवा के प्रति समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेगा।
ग्रामीणों का मानना है कि आज के युवाओं को आयुष से प्रेरणा लेकर देश सेवा और अनुशासित जीवन की ओर आगे बढ़ना चाहिए। उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
क्षेत्र में खुशी का माहौल
आयुष कुमार के घर लौटने पर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल रहा। लोगों ने मिठाइयां बांटीं और उनकी उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। कई लोगों ने इसे बस्ताकोला और झरिया क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।

