उखड़ा: राज्य में सत्ता बदलने के बाद तृणमूल को हराकर भाजपा सत्ता में आई। सत्ता में आते ही भाजपा पर विरोधियों के पार्टी ऑफिसों पर कब्जा करने के आरोप लगे। हालांकि बाद में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के आदेश पर वे सभी पार्टी ऑफिस या यूनियन ऑफिस फिर से विरोधियों को वापस दे दिए गए।
ऐसी ही एक घटना उखड़ा मिनीबस एसोसिएशन के ऑफिस पर कब्जे को लेकर हुई। आरोप है कि भाजपा सत्ता में आते ही मिनीबस एसोसिएशन का यूनियन ऑफिस कब्जा कर लिया गया। इसके विरोध में उखड़ा, अंडाल, दुर्गापुर रोड पर चलने वाली लगभग 40 गाड़ियों के कर्मचारियों ने रविवार को एक दिन के लिए बस बंद रखकर प्रतीकात्मक आंदोलन किया।

बस कर्मचारी भोम्बल लो और प्रदीप माहंत ने बताया कि वे 40 साल से इस यूनियन ऑफिस का इस्तेमाल कर रहे हैं। अचानक भाजपा के कुछ लोगों ने उनका ऑफिस कब्जा कर लिया। बस कर्मचारियों का कहना है कि इस बारे में विधायक के पास जाने पर उन्होंने अपने पार्टी के लड़कों को चाबी वापस देने का निर्देश दिया, लेकिन स्थानीय भाजपा नेतृत्व विधायक के आदेश को मान नहीं रहा।
वहीं भाजपा की ओर से रानीगंज मंडल 3 के अध्यक्ष इंद्रसेन राय का दावा है कि मिनीबस एसोसिएशन का जो ऑफिस बस कर्मचारी बता रहे हैं, उस पर पिछले 15 साल से तृणमूल के एक नेता ने कब्जा कर रखा था। अब वह जमीन हमने जमीन मालिक से खरीद ली है। इसलिए उस जमीन और ऑफिस पर हमारा हक है।
इंद्र बाबू ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के ही कुछ सदस्य बस कर्मचारियों को भड़काकर झमेला करवा रहे हैं। भाजपा के जो सदस्य इस तरह के पार्टी विरोधी काम कर रहे हैं, उन्हें शोकॉज किया गया है। दूसरी ओर बस बंद कर जो आंदोलन हो रहा है, उसके पीछे की पूरी वजह विधायक को बताई जाएगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ऐसा मंडल 3 के अध्यक्ष ने कहा।
“न्यूज़ ANP के लिए पश्चिम बंगाल से अतीकुर रहमान की रिपोर्ट”

