बांग्लादेश में भारत विरोधी गतिविधियों को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। राजधानी ढाका में जमात-ए-इस्लामी के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए भारतीय उच्चायोग की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने भारतीय मिशन के बाहर तनावपूर्ण माहौल बनाने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़ी निगरानी रखी और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। बांग्लादेशी पत्रकार सलाह उद्दीन शोएब चौधरी ने कहा है कि जमात-ए-इस्लामी (JeI) के कई प्रमुख नेताओं ने अन्य इस्लामी पार्टियों के साथ मिलकर ढाका में भारतीय उच्चायोग पर हमला करने की कोशिश की। उन्होंने भारतीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का पुतला भी फूंका और ‘बांग्लादेश आजाद पार्टी’ नाम से एक नए मोर्चे के गठन की घोषणा की है।
शेख हसीना की सरकार के बाद से बांग्लादेश में लगातार भारत विरोधी प्रदर्शनों का आयोजन किया जा रहा है। बांग्लादेश की राजनीतिक पार्टियां भारत विरोध के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेक रही हैं जबकि इतनी नफरत के बावजूद होर्मुज संकट के समय भारत ने केरोसीन की सप्लाई कर पड़ोसी देश की मदद की है। रिपोर्ट के मुताबिक ढाका में इस्लामिक कट्टरपंथियों के मार्च को ढाका पुलिस ने भारतीय उच्चायोग की तरफ बढ़ने से रोक दिया।
भारत के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन
बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी (JeI) और उसके नेतृत्व वाले 11-दलीय कट्टरपंथी गठबंधन ने भारत के खिलाफ एक नया और बड़ा मोर्चा खोला है। रिपोर्ट के मुताबिक इस आंदोलन का मुख्य मकसद भारत-बांग्लादेश सीमा पर कथित ‘पुश-इन’ यानि सीमा पार भेजने और ‘सीमा पर हो रही गोलीबारी’ का विरोध है। बांग्लादेश में भारत के खिलाफ कई कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। इन कार्यक्रमों में 12 जून को सीमावर्ती जिलों में विरोध रैलियां और 15 जून को ढाका में विरोध सभा और जुलूस शामिल हैं। गठबंधन ने यह भी कहा कि राजधानी में गोलमेज चर्चा के साथ-साथ अलग-अलग जिलों में सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे।
10 जून को मोगबाज़ार में जमात-ए-इस्लामी के केंद्रीय कार्यालय में गठबंधन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी जिसमें भारत के खिलाफ देशभर में कार्यक्रम चलाने की बात कही गई थी। सीमावर्ती इलाकों के मौजूदा हालात पर गहरी चिंता जताते हुए गठबंधन की संपर्क समिति के समन्वयक और जमात के सहायक महासचिव एएचएम हामिदुर रहमान आज़ाद ने कहा कि देश राजनीतिक अस्थिरता, सीमा पर हत्याओं और बढ़ती कीमतों की समस्या से जूझ रहा है। जमात नेता ने आरोप लगाया कि पिछले 100 दिनों में बीएसएफ की गोलीबारी में 19 बांग्लादेशी मारे गए और 24 घायल हुए हैं।
जमात गठबंधन का दावा है कि पिछले तीन महीनों में भारत की तरफ से 2,400 से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिकों को जबरन सीमा पार भेजने की कोशिशें की गई हैं। गठबंधन ने आरोप लगाया कि भारत के सीमा सुरक्षा बल (BSF) की फायरिंग में 19 बांग्लादेशी नागरिक मारे गए हैं।

