वित्त वर्ष 2027 से रिलायंस की कमाई में दिखेगा न्यू एनर्जी कारोबार का असर: अनंत अंबानी

वित्त वर्ष 2027 से रिलायंस की कमाई में दिखेगा न्यू एनर्जी कारोबार का असर: अनंत अंबानी

मुंबई, 19 जून 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज के न्यू एनर्जी कारोबार का नेतृत्व कर रहे अनंत एम. अंबानी ने कहा है कि कंपनी का न्यू एनर्जी बिजनेस वित्त वर्ष 2027 से रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान देना शुरू कर देगा। उन्होंने यह बात रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में कही।

अनंत अंबानी ने बताया कि कंपनी के सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक राजस्व इसी वर्ष शुरू हो जाएगा, जबकि बैटरी फैक्ट्री भी इसी साल कमीशन होने जा रही है। उन्होंने कहा कि न्यू एनर्जी क्षेत्र रिलायंस की अगली बड़ी विकास यात्रा का प्रमुख आधार बनेगा।

उन्होंने कहा, “वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी, रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा। बैटरी फैक्ट्री भी इसी वर्ष कमीशन होगी। सैमसंग सीएंडटी के साथ हुआ समझौता केवल एक घोषणा नहीं, बल्कि एक हस्ताक्षरित करार है।”

रिलायंस ने हाल ही में सैमसंग सीएंडटी के साथ 3 अरब डॉलर का दीर्घकालिक ग्रीन अमोनिया सप्लाई एग्रीमेंट किया है। कंपनी के अनुसार, यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया ऑफटेक समझौतों में से एक है, जो उसके ग्रीन हाइड्रोजन प्लेटफॉर्म की व्यावसायिक क्षमता को दर्शाता है।

जामनगर में लगभग 5,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स को कंपनी ने दुनिया के सबसे एकीकृत क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम्स में शामिल बताया है। यहां सोलर पीवी सेल और मॉड्यूल उत्पादन लाइनें शुरू हो चुकी हैं तथा लगभग 1 गीगावॉट एचजेटी मॉड्यूल्स का उत्पादन किया जा चुका है।

बैटरी निर्माण क्षेत्र में भी कंपनी तेजी से विस्तार कर रही है। रिलायंस की 40 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता वाली बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) और सेल गीगा फैक्ट्री का पहला चरण इसी वर्ष शुरू होने की संभावना है। कंपनी ने भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर 120 गीगावॉट-आवर प्रति वर्ष करने की योजना भी घोषित की है।

इसके अलावा, कच्छ में 5.5 लाख एकड़ क्षेत्र में एक विशाल रिन्यूएबल एनर्जी हब विकसित किया जा रहा है। कंपनी का दावा है कि पूरी तरह चालू होने पर यह परियोजना हर वर्ष 40 अरब यूनिट से अधिक हरित बिजली का उत्पादन करेगी, जो भारत की कुल वार्षिक बिजली आवश्यकता का लगभग 3 प्रतिशत होगी।

रिलायंस ने अगले दस वर्षों में 30 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन समकक्ष ग्रीन केमिकल्स उत्पादन क्षमता हासिल करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।

रोजगार के मोर्चे पर अनंत अंबानी ने कहा कि जामनगर गीगा कॉम्प्लेक्स और कच्छ रिन्यूएबल एनर्जी परियोजना मिलकर लगभग 2 लाख ग्रीन जॉब्स का सृजन करेंगी। उन्होंने कहा, “दुनिया ने अपनी पुरानी ऊर्जा मध्य-पूर्व के तेल पर बनाई थी। अब दुनिया अपनी नई ऊर्जा भारतीय धूप पर बनाएगी।”

कंपनी का मानना है कि उसका न्यू एनर्जी मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, स्वच्छ और किफायती ऊर्जा उपलब्ध कराने, आयात निर्भरता कम करने, निर्यात बढ़ाने तथा बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *