AI पर पीएम मोदी का ग्लोबल संदेश: तकनीक का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे

AI पर पीएम मोदी का ग्लोबल संदेश: तकनीक का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे

प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस में आयोजित यूरोप के प्रमुख टेक्नॉलजी और इनोवेशन सम्मेलन VivaTech 2026 में तकनीक के लोकतंत्रीकरण यानी कि ‘डेमोक्रेटाइजेशन‘ की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि तकनीक का असली उद्देश्य तभी पूरा होता है जब उसका लाभ समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या AI का मतलब ‘ऑल इनक्लूसिव’ यानी सभी को साथ लेकर चलने वाला विकास है।

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में अमेरिका ने कुछ उन्नत AI मॉडलों तक पहुंच पर प्रतिबंध लगाए हैं। पिछले हफ्ते AI कंपनी ‘एंथ्रोपिक’ ने अमेरिकी प्रशासन के निर्देश के बाद अपने नवीनतम AI मॉडल ‘फेबल 5’ और ‘मिथोस 5’ को विदेशी नागरिकों के इस्तेमाल के लिए ऑफलाइन कर दिया था। इस कदम के बाद AI तकनीक तक पहुंच और उसकी उपलब्धता को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तकनीक के क्षेत्र में केवल नवाचार ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उसकी पहुंच भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि तकनीक तभी वास्तविक प्रगति का माध्यम बन सकती है जब वह सभी लोगों के लिए उपलब्ध हो। उन्होंने कहा 

‘भारत का मानना है कि बदलाव और चुनौतियों के इस दौर में तकनीक का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। एआई का उपयोग लोगों का जीवन बेहतर बनाने, अवसरों का विस्तार करने, आर्थिक विकास को गति देने और पृथ्वी को स्वस्थ बनाए रखने में होना चाहिए।’

भारत ने तकनीक के दम पर तेज बदलाव देखा

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने तकनीक के दम पर तेज बदलाव देखा है। उन्होंने कहा, ‘दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल पहचान प्रणाली और सबसे बड़े डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म भारत में विकसित किए गए हैं। आज दुनिया के कुल डिजिटल लेन-देन का लगभग आधा हिस्सा भारत में हो रहा है। देश में तकनीक का उपयोग वित्तीय समावेशन, शिक्षा, टेलीमेडिसिन, कृषि और अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।’

देश में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप’

मोदी ने कहा कि जब उन्होंने 2021 में विवाटेक सम्मेलन को संबोधित किया था, तब दुनिया कोविड-19 महामारी की चुनौतियों से जूझ रही थी। उन्होंने कहा कि आज दुनिया दूसरी तरह की चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन उनका संदेश वही है कि जहां पारंपरिक तरीके असफल हो जाते हैं, वहां इनोवेशन समाधान देता है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारत में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप हैं और देश दुनिया के सबसे जीवंत इनोवेशन इको सिस्टम्स में से एक बन चुका है।’ उन्होंने सम्मेलन में मौजूद लोगों को भारत के पविलियन का दौरा करने का न्योता दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा, 

‘भारत के पविलियन आने पर भारत की ऊर्जा और नवाचार क्षमता का अनुभव होगा। भारत में एक ही हिस्से में तैयार दुनिया का पहला 3डी-प्रिंटेड रॉकेट इंजन, उन्नत जेनेटिक इंजीनियरिंग उपचार, कैंसर और गंभीर बीमारियों की पहचान करने वाले एआई समाधान, साइबर सुरक्षा तकनीक, स्वायत्त रोबोट, स्मार्ट सिटी और आधुनिक परिवहन समाधान विकसित किए जा रहे हैं।’

प्रधानमंत्री ने निवेशकों को भारत आने का न्योता देते हुए कहा कि भारत एक खुला समाज है और दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिभा शक्ति यहां मौजूद है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार नियमों को सरल बना रही है और कारोबार को आसान बनाने पर काम कर रही है। पीएम मोदी ने बताया कि नवाचार से लेकर व्यावसायीकरण तक निजी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भारत 50 अरब डॉलर से अधिक के लक्षित प्रोत्साहन उपलब्ध करा रहा है। साथ ही देश दुनिया में सबसे सस्ता डेटा और कम लागत वाली हरित ऊर्जा भी प्रदान कर रहा है।

भारत के साथ मिलकर काम करें निवेशक

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार सुविधाएं उपलब्ध कराएगी, इंडस्ट्री इनोवेशन करेगी, स्टार्टअप नई दिशा देंगे और वैश्विक साझेदार भारत के साथ मिलकर विकास को गति देंगे। उन्होंने दुनिया भर के निवेशकों से आह्वान किया कि वे भारत के साथ मिलकर काम करें और ऐसी तकनीक विकसित करें जिसका लाभ पूरी दुनिया को मिले। बता दें कि VivaTech यूरोप का सबसे बड़ा टेक्नॉलजी और इनोवेशन सम्मेलन है। इस साल भारत ने यहां सबसे बड़ा राष्ट्रीय पविलियन स्थापित किया है।

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