सिंदरी/धनबाद: सिखों के पांचवें गुरु, गुरु अर्जन देव जी के शहादत दिवस के अवसर पर सोमवार को सिंदरी गौशाला परिसर में सिख समाज द्वारा छबील सेवा का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी के बीच आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में राहगीरों और वाहन चालकों को ठंडा शरबत तथा चने का प्रसाद वितरित किया गया।
कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर 2:30 बजे तक चला। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और सेवा कार्य में भाग लिया।
अरदास के साथ हुई कार्यक्रम की शुरुआत
छबील सेवा कार्यक्रम का शुभारंभ सिंदरी गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी सरदार बलवीर सिंह द्वारा अरदास के साथ किया गया। आयोजन स्थल पर पूरे समय श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। सिख समाज के श्रद्धालुओं ने गुरु अर्जन देव जी के बलिदान को याद करते हुए मानव सेवा, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया।
राहगीरों को वितरित किया गया शरबत और प्रसाद
गर्मी से राहत पहुंचाने के उद्देश्य से सड़क से गुजर रहे राहगीरों तथा छोटे-बड़े वाहनों को रोककर ठंडा शरबत पिलाया गया। साथ ही चने का प्रसाद भी वितरित किया गया। आयोजकों ने बताया कि छबील सेवा सिख परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो सेवा और मानवता के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश देती है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने निभाई भागीदारी
कार्यक्रम में सिंदरी गुरुद्वारा साहिब के प्रधान जसप्रीत सिंह रैनो, हरदीप सिंह, हरपाल सिंह, नरेंद्र सिंह, कुलबीर सिंह, मनदीप सिंह, करणदीप सिंह, असप्रीत सिंह, अमरजीत सिंह, जगजोत सिंह, सिमरन सिंह, अगमजोत सिंह, बलजीत कौर, परमजीत कौर, अंजलि कौर और निशा कौर सहित सिख समाज के अनेक सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
सेवा और मानवता का प्रेरक संदेश
सिख समाज के सदस्यों ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का जीवन त्याग, सेवा और मानवता के लिए समर्पण का प्रतीक है। उनके आदर्श आज भी समाज को परोपकार और भाईचारे की राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
रिपोर्ट: राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा, सिंदरी (NEWS ANP)

