मुंबई: भारत की अग्रणी डिजिटल और तकनीकी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स ने वैश्विक स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन (WIPO) की पेटेंट कोऑपरेशन ट्रीटी (PCT) रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स 320 पायदान की छलांग लगाकर ग्लोबल टॉप-20 कंपनियों में शामिल हो गई है। इसके साथ ही जियो टॉप-20 में जगह बनाने वाली भारत की एकमात्र टेक्नोलॉजी कंपनी बन गई है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेक्नोलॉजी इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स अब वैश्विक स्तर पर उन चुनिंदा कंपनियों की सूची में शामिल हो गई है, जिनमें हुआवेई, सैमसंग, क्वालकॉम, एलजी, पैनासोनिक, नोकिया, गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं।जियो की पेटेंट रणनीति मुख्य रूप से भविष्य की डिजिटल तकनीकों पर केंद्रित है। कंपनी 5G, 5G एडवांस्ड, 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI-नेटिव नेटवर्क, क्लाउड-नेटिव प्लेटफॉर्म, इंटेलिजेंट ऑटोमेशन, एज इंटेलिजेंस, नेटवर्क स्लाइसिंग और डिजिटल सर्विस इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में लगातार अनुसंधान और नवाचार कर रही है।
इस उपलब्धि पर जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर Akash Ambani ने कहा कि यह उपलब्धि जियो की डीप-टेक कंपनी बनने की दिशा में वर्षों की मेहनत और नवाचार का परिणाम है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत विजन को समर्पित करते हुए कहा कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि तकनीक का निर्माता और निर्यातक बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।कंपनी के अनुसार 31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स ने कुल 6,817 पेटेंट दाखिल किए हैं। इनमें 2,393 पेटेंट भारत में और 4,424 पेटेंट विदेशों में दायर किए गए हैं। इसके अलावा कंपनी को अब तक 1,009 पेटेंट स्वीकृत भी हो चुके हैं, जिनमें 538 भारत और 471 अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मंजूर हुए हैं।जियो वर्तमान में 5G और 6G नेटवर्क, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, AI-संचालित नेटवर्क और JioBrain जैसी उभरती तकनीकों पर भी काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भारतीय टेक्नोलॉजी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और यह दर्शाती है कि भारत अब वैश्विक स्तर पर मूल तकनीक विकसित करने और उसे दुनिया तक पहुंचाने की क्षमता रखता है।

