योगी सरकार ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सिफारिश पर राम मंदिर दान गबन विवाद के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है. वहीं, अयोध्या में इसकी जांच तेज हो गई है. अयोध्या में बीती रात पुलिस ने राम मंदिर के एक कर्मचारी के आवास पर छापा मारकर जांच की है. सूत्रों की मानें तो कर्मचारी के घर से पुलिस ने दस लाख रुपए बरामद किए हैं. कुछ रकम अलमारी से और कुछ रकम गोबर के ढेर से बरामद की गई है. वहीं कर्मचारी द्वारा हाल में ही लाखों की जमीन खरीदने की बात भी प्रकाश में आई है. कर्मचारी से पुलिस पूछताछ कर रही है. इस कर्मचारी की ड्यूटी चढ़ावे के पास रहती थी. वहीं, इस मामले में ट्रस्ट ने चुप्पी साध रखी है. पुलिस ने भी इस संबंध में अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है.
बता दें कि बीते दिनों राम मंदिर में दान गबन का विवाद सामने आया था. खुद को राम मंदिर का पूर्व मुख्य लेखा प्रभारी बताने वाले महिपाल सिंह ने दान की राशि में गबन का आरोप लगाया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि करीब 7 करोड़ रुपए के दान की चोरी हुई है. इसके बाद ही सीसीटीवी फुटेज डिलीट होने की बात सामने आई थी. इस मामलें अखिलेश यादव समेत कई दलों की ओर से बीजेपी पर निशाना साधा गया था. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से योगी सरकार से एसआईटी गठन की सिफारिश की गई थी. शनिवार को योगी सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया था. इसमें कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को इसकी जांच की जिम्मेदारी दी गई है. समिति से एक हफ्ते में सरकार ने जांच रिपोर्ट तलब की है.
कर्मचारी के घर पर रेड
सूत्रों की मानें तो रुदौली कोतवाली क्षेत्र के मीनापुर फगौली मजरे में रहने वाले राम मंदिर के एक कर्मचारी के आवास पर पुलिस ने शनिवार रात को छापा मारा था. कर्मचारी को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है. बताया जा रहा है कि वह ट्रस्ट से जुड़ा है और वह चढ़ावे की गिनती में भी जिम्मेदारी निभाता है. परिजनों की मानें तो पुलिस को आवास से दस लाख रुपए नकद मिले हैं. वहीं, यह भी जानकारी सामने आई है कि कर्मचारी ने हाल में ही 40 लाख रुपए की एक जमीन खरीदी थी जिस पर निर्माण जारी है. इस मामले में अभी तक किसी पुलिस अधिकारी का बयान सामने नहीं आया है. वहीं, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इस मामले में अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है. बताया जा रहा है कि कर्मचारी से पूछताछ में पुलिस को अहम जानकारी मिल सकती है.

