बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी पराजय के बाद तृणमूल कांग्रेस का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पार्टी के भीतर शुरू हुई बगावत विधानसभा से लेकर संसद तक पहुंच चुकी है। गुरुवार को राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक और अभिनेत्री-सांसद कोयल मल्लिक ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही पिछले चार दिनों में राज्यसभा से इस्तीफा देने वाले तृणमूल सांसदों की संख्या चार हो गई है। इससे पहले सुखेंदु शेखर राय और सुष्मिता देव भी उच्च सदन की सदस्यता छोड़ चुके हैं।
प्रकाश चिक बड़ाईक ने इस्तीफे के बाद कहा कि हालिया चुनाव में जनता ने जो जनादेश दिया है, उसका सम्मान करते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है। उन्होंने तृणमूल छोड़ने की घोषणा करते हुए कहा कि भविष्य में वह मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ही काम करेंगे।
कभी अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले बड़ाईक को 2023 में तृणमूल ने राज्यसभा भेजा था और 2024 के लोकसभा चुनाव में अलीपुरद्वार से उम्मीदवार भी बनाया था। उन्होंने पार्टी के भी सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।
उधर, कोयल मल्लिक के इस्तीफे ने तृणमूल की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। फरवरी में पार्टी ने उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार बनाया था और अप्रैल में उन्होंने सांसद पद की शपथ ली थी। उस समय उन्होंने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बताया था, लेकिन अब पार्टी से दूरी बना ली है।
लगातार इस्तीफों के कारण राज्यसभा में तृणमूल की संख्या 13 से घटकर नौ रह गई है। सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में कुछ और सांसद भी इस्तीफा दे सकते हैं। लोकसभा में भी पार्टी की स्थिति कमजोर होती दिख रही है, जहां बड़ी संख्या में सांसदों के असंतुष्ट खेमे के साथ जाने की चर्चा है।
कोलकाता लौटकर भी सायोनी घोष ने साधी चुप्पी
तृणमूल कांग्रेस में जारी राजनीतिक भूचाल के बीच सांसद और युवा तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष सायोनी घोष को लेकर सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है। पार्टी के भीतर चल रही उठापटक के बीच उनका नाम उन नेताओं में शामिल किया जा रहा है, जिन्होंने बागी खेमे से नजदीकियां बढ़ा ली हैं। हालांकि सायोनी ने अब तक सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है।

