धनबाद: असंगठित मज़दूर मोर्चा की एक अहम बैठक धनबाद सर्किट हाउस में हुई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष और सिंदरी के विधायक चंद्रदेव महतो ने की। बैठक का संचालन केंद्रीय महासचिव निताई महतो ने किया। इसमें संगठन की भविष्य की रणनीति, मज़दूरों के मुद्दों और अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों पर विस्तार से चर्चा हुई।
16 जून को गिरिडीह में बड़ी चेतावनी रैली होगी
बैठक को संबोधित करते हुए विधायक चंद्रदेव महतो ने कहा कि असंगठित मज़दूर मोर्चा गिरिडीह की बालमुकुंद स्पंज फैक्ट्री में मज़दूरों के अधिकारों के लिए लगातार आंदोलन कर रहा है। इसी अभियान के तहत, 16 जून को गिरिडीह के उपायुक्त कार्यालय के सामने एक बड़ी चेतावनी रैली आयोजित की जाएगी।
उन्होंने धनबाद और बोकारो के संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे बड़ी संख्या में गिरिडीह पहुँचें और इस विरोध प्रदर्शन को सफल बनाएँ।
कोल बेल्ट के लिए बड़े आंदोलन की योजना
विधायक चंद्रदेव महतो ने बताया कि धनबाद कोल बेल्ट इलाके में आउटसोर्सिंग कंपनियों के ज़रिए काम करने वाले मज़दूरों को न्यूनतम वेतन भी नहीं मिल रहा है। इसके अलावा, रैयतों (ज़मीन मालिकों) की ज़मीन पर ज़बरदस्ती माइनिंग करने और उचित मुआवज़ा न देने की शिकायतें भी अक्सर सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि असंगठित मज़दूर मोर्चा जल्द ही कोल बेल्ट इलाके में मज़दूरों और विस्थापित ज़मीन मालिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक बड़ा और निर्णायक आंदोलन शुरू करेगा।
जुलाई में ज़िला सम्मेलनों का कार्यक्रम
संगठन के विस्तार के लिए जुलाई महीने में तीन अहम ज़िला सम्मेलनों की घोषणा की गई:
12 जुलाई – बोकारो ज़िला सम्मेलन
19 जुलाई – धनबाद ज़िला सम्मेलन
28 जुलाई – गिरिडीह ज़िला सम्मेलन
केंद्रीय महासचिव निताई महतो ने कहा कि असंगठित मज़दूरों की समस्याओं का असरदार समाधान सुनिश्चित करने के लिए संगठन का विस्तार झारखंड और बिहार से आगे बढ़कर देश के अन्य राज्यों में भी किया जाएगा। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी
बैठक में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष दीप नारायण भट्टाचार्य, बिंदा पासवान, पवन महतो, कन्हाई पांडे, श्रीकांत सिंह, अजीत राय, कृष्ण कुमार, सुरेश प्रसाद, बिट्टू दा, सुरेश पासवान, सुरेंद्र वर्मा, राकेश कुमार, रवींद्र सिंह, ममता देवी और अनिल गुप्ता शामिल थे।
