धनबाद क्लब की जमीन किसकी ? जिला परिषद् ने DCLR से मांगी रिपोर्ट..

धनबाद क्लब की जमीन किसकी ? जिला परिषद् ने DCLR से मांगी रिपोर्ट..

धनबाद :(DHANBAD )धनबाद क्लब की जमीन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जिला परिषद ने दावा किया है कि जिस भूमि पर प्रतिष्ठित धनबाद क्लब संचालित हो रहा है, वह उनकी खतियानी संपत्ति है। इस दावे के सामने आने के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिषद ने डीसीएलआर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जमीन का वास्तविक स्वामित्व किसके नाम दर्ज है और क्लब को यह भूमि किस प्रक्रिया के तहत आवंटित की गई थी। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह जमीन जिला परिषद की संपत्ति हो सकती है, जिसके बाद राजस्व रिकॉर्ड और आवंटन दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी गई है।जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने कहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद पूरे मामले की कानूनी समीक्षा की जाएगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि भूमि आवंटन में किसी तरह की अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।इसी बीच जिला परिषद ने अपनी सभी संपत्तियों पर हुए कथित कब्जों की समीक्षा भी तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार धनबाद क्लब के साथ यूनियन क्लब पर भी नजर रखी जा रही है और दोनों संस्थानों को नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है। प्रशासन का कहना है कि यदि आवश्यक हुआ तो क्लब प्रबंधन से सभी वैध दस्तावेज मांगे जाएंगे, और दस्तावेजों में कमी पाए कर जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।धनबाद क्लब, जो शहर की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित संस्थाओं में से #dhanbad धनबाद क्लब की जमीन किसकी ? जिला परिषद् ने DCLR से मांगी रिपोर्ट#धनबाद : धनबाद क्लब की जमीन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जिला परिषद ने दावा किया है कि जिस भूमि पर प्रतिष्ठित धनबाद क्लब संचालित हो रहा है, वह उनकी खतियानी संपत्ति है। इस दावे के सामने आने के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिषद ने डीसीएलआर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जमीन का वास्तविक स्वामित्व किसके नाम दर्ज है और क्लब को यह भूमि किस प्रक्रिया के तहत आवंटित की गई थी। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह जमीन जिला परिषद की संपत्ति हो सकती है, जिसके बाद राजस्व रिकॉर्ड और आवंटन दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी गई है।जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने कहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद पूरे मामले की कानूनी समीक्षा की जाएगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि भूमि आवंटन में किसी तरह की अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।इसी बीच जिला परिषद ने अपनी सभी संपत्तियों पर हुए कथित कब्जों की समीक्षा भी तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार धनबाद क्लब के साथ यूनियन क्लब पर भी नजर रखी जा रही है और दोनों संस्थानों को नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है। प्रशासन का कहना है कि यदि आवश्यक हुआ तो क्लब प्रबंधन से सभी वैध दस्तावेज मांगे जाएंगे, और दस्तावेजों में कमी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।धनबाद क्लब, जो शहर की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित संस्थाओं में से एक माना जाता है, अब इस विवाद के चलते सुर्खियों में आ गया है। वहीं जिला परिषद का यह रुख इस बात का संकेत है कि अब सार्वजनिक संपत्तियों को लेकर सख्ती और तेज होने वाली है। सभी की नजर अब डीसीएलआर की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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