धनबाद(DHANBAD): झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की ओर से गुरुवार को परिसदन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में झारखंड आंदोलनकारियों की विभिन्न मांगों को लेकर आगामी 10 जून को मुख्यमंत्री आवास घेराव करने का निर्णय लिया गया। मोर्चा के नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन अनिश्चितकालीन होगा और जरूरत पड़ने पर आत्मदाह जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।
संघर्ष मोर्चा के संस्थापक पुष्कर महतो ने बताया कि झारखंड आंदोलनकारियों को अब तक राजकीय मान-सम्मान, अलग पहचान, बच्चों को रोजगार और नियोजन की गारंटी नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी आंदोलनकारियों को 50-50 हजार रुपये सम्मान पेंशन दिया जाना चाहिए। साथ ही आंदोलनकारियों के पुत्र-पुत्रियों और आश्रितों को नौकरियों में सीधी बहाली की मांग भी उठाई गई।
उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन को गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से झारखंड आंदोलनकारी का सर्वोच्च सम्मान नहीं दिया जाना भी चिंता का विषय है। इसके अलावा छूटे हुए मूल झारखंड आंदोलनकारियों के लिए चिन्हितिकरण आयोग का पुनर्गठन, झारखंडी भाषा-संस्कृति और माय-माटी की रक्षा तथा संविधान की धारा 3(ए) के पालन की मांग भी बैठक में उठाई गई।
जिला संयोजक नारायण महतो ने बताया कि बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार धनबाद से भी बड़ी संख्या में आंदोलनकारी रांची पहुंचकर मुख्यमंत्री आवास घेराव में शामिल होंगे।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

