रांची जेल में महिला कैदी से रेप! सोचिए अगर ये सच हैं तो फिर ये कितना शर्मनाक हैं…

रांची जेल में महिला कैदी से रेप! सोचिए अगर ये सच हैं तो फिर ये कितना शर्मनाक हैं…

शिवपूजन सिंह /वरिष्ठ पत्रकार

रांची (RANCHI ): झारखण्ड में कानून इन्तजामात का हाल तो किसी से छुपी नहीं हैं. कानून वयवस्था की कलई समय -समय पर खुलते रहती हैं. लोहे, बालू, कोयले की तस्करी से तो अखबारों की सुर्खिया भरी रहती हैं. हत्या, लूट, बलात्कार के मामले तो छोड़ ही दीजिये ये तो मानो रोज की बात बन गई हैं.
लाजमी हैं कि जिनके जिम्मे यह जिम्मेदारी दी गई हैं. वो अपने कर्तव्य और कर्म ठीक से नहीं कर रहें. चाहे खाकी हो या प्रशासन के मुलाजिम. उससे भी बड़ी चिज़ सूबे की हेमंत सोरेन सरकार क़ो इसकी फ़िक्र नहीं. राम भरोसे हाल और हालात दिखलाई पड़ते हैं.

अभी -अभी खबरें सुर्खिय रांची जेल में बंद महिला कैदी के यौन शोषण और गर्भवती होने की खबर खूब चल रहीं हैं. क्या असल सच्चाई हैं ये तो जाँच के बाद मालूम पड़ेगा. सबसे शर्मनाक और सर झूकानें वाली बात तो ये हैं कि ये आरोप रांची जेल के सुप्रीडेंट कुमार चंद्रशेखर पर लगा हैं, साथ ही जेल आई जी सुंदर्शन मंडल पर इस प्रकरण क़ो लीपापोती करने यानि अपने लोगों क़ो बचाने की तोहमत लगी हैं.
हालांकि, जेल सुप्रीडेंट कुमार चंद्रशेखर नें अपने ऊपर लगे आरोपों क़ो बेबुनियाद और निराधार बताया हैं. सबसे पहले यह खबर सुर्खिया तब बनी, जब नेता प्रतिपक्ष बाबू लाल मरांडी नें इसकी आवाज उठाई और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जाँच और आरोपी अधिकारियो क़ो बर्खास्त करने की मांग की.हैं. इसे लेकर उन्होंने पत्र भी लिखा हैं.वही भाजपा नें प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कुमार चंद्रशेखर के पिछले ऐसे ही करनामो की पूरी पॉल पट्टी खोल दी और आरोप लगाया कि ऐसा ये पहली बार नहीं हुआ हैं बल्कि ऐसे कारनामें करना उनका शगल और आदत रहीं हैं. इधर झारखण्ड मुक्ति मोर्चा नें भी साफ किया हैं इसकी जाँच में जो भी दोषी पाए जायेंगे उन्हें बख्श नहीं जायेगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी
इधर झारखण्ड राज्य विधि सेवा प्राधिकर के निर्देश पर जाँच के लिए होटवार जेल पहुंची टीम नें महिला बंदी से इसे लेकर पूछताछ की तो उसने आरोप लगाया की जेलर और जेल अधीक्षक नें उसके साथ यौन शोषण किया हैं. बताया जा रहा हैं कि प्रारभिक जाँच में टीम ने इस घटना क़ो सत्य पाया हैं.

सवाल हैं कि जिस जेल क़ो महफूज ठिकाना माना जाता. कानून के तहत रखा जाता हैं. आगर वहां ही किसी महिला की आबरू नोची जाए, उसकी अस्मत लूटी जाए और इसके आरोप इसके निगेहबानो और रखवाली पर लगे तो फिर ये जेल नहीं बल्कि अय्याशी का अड्डा और कानून के आदेशों की अनदेखी ही मानी जायेगी.
रांची जेल में पहले भी काले कारनामें का खुलासा हो चुका हैं. जेल में ही डांस का आयोजन और अपराधियों के काले कारनामो की कई कहानियाँ यहां से निकल चुकी हैं. जेल के अंदर से ही अपराधियों की सल्तनत चलने की खबरें आती रहीं हैं. परिसर से ही रंगदारी मांगने, धमकी देने और अपराध की रुपरेखा बनमे की बात भी अक्सर सुनाई पडती रहीं हैं. समझ लीजिये जेल पहले से ही बदनाम राहा हैं.
अब जेल में इस तरह के कांड और कारनामें हो तो फिर क्या दशा और दिशा होंगी. जेल तो वो जगह होती हैं, जहां कानून से सजा पाए लोगों क़ो एक़ सिख मिलती हैं. सुधरने का मौका मिलता हैं. लेकिन सूबे की राजधानी की इस जेल में ही इस तरह के गंभीर आरोप लगे तो ये सिर्फ चिंता नहीं बल्कि उस सिस्टम की भी खामी उजागर करता हैं, जो सिर्फ l कागजों पर ही सही चलती हुई दिखती हैं. अगर इसके प्रशासक ही ग़ाफ़िल और अपने कर्तव्य से मुँह मोड़ ले तो फिर यह एक़ एक़ खतरनाक स्थिति हैं. जो इस जर्जर इंतजामत की कमजोरी दिखलाती हैं. जो साफ -साफ इशारा करती हैं कि सबकुछ ठीक नहीं चल रहा हैं..इसे दुरुस्त करने की सख्त जरुरत हैं.

राज्य की हेमंत सोरेन सरकार क़ो इस पर त्वरित संज्ञान लेना चाहिए क्योंकि कही न कही उनकी कार्यशैली और नजरअंदाजी पर भी सावल उठ रहें हैं.

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