
धनबाद/रांची:झरिया विधानसभा क्षेत्र की विधायक रागिनी सिंह ने रांची में ऊर्जा विभाग के सचिव श्रीनिवासन तथा धनबाद विद्युत विभाग के महाप्रबंधक सह मुख्य अभियंता के.के. सिन्हा के साथ बैठक कर क्षेत्र की ज्वलंत बिजली समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान उन्होंने एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए न केवल समस्याओं की जानकारी दी, बल्कि उनके समाधान के लिए ठोस सुझाव भी प्रस्तुत किए।
ज्ञापन में विधायक ने झरिया क्षेत्र की बिजली व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए डीवीसी के साथ-साथ पावर ग्रिड से भी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस पहल की जानी चाहिए, ताकि निर्बाध आपूर्ति संभव हो सके।
विधायक ने झरिया में नए सब-स्टेशन के शीघ्र निर्माण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि मौजूदा ढांचा बढ़ते लोड को संभालने में सक्षम नहीं है, जिसके कारण बार-बार बिजली बाधित होती है। इसके साथ ही उन्होंने स्मार्ट मीटर बिलिंग की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि पिछले छह महीनों से स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बावजूद उपभोक्ताओं को बिल जारी नहीं किया गया है, जिससे आम लोगों में भ्रम और असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
उन्होंने ट्रांसफार्मरों पर बढ़ते लोड को भी एक बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि क्षमता से अधिक दबाव के कारण ट्रांसफार्मर बार-बार जल रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को अंधेरे और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने नए ट्रांसफार्मर स्थापित कर लोड संतुलन सुनिश्चित करने की मांग की।
इसके अलावा झरिया बाजार में एबी स्विच की अनुपस्थिति को लेकर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी एक उपभोक्ता के कनेक्शन या मरम्मत कार्य के लिए पूरे क्षेत्र की बिजली बाधित करनी पड़ती है, जिससे हजारों लोग प्रभावित होते हैं।
ज्ञापन में एक महत्वपूर्ण तकनीकी मुद्दा उठाते हुए उन्होंने बताया कि झरिया-2 क्षेत्र में डिगवाडीह सब-स्टेशन से कांड्रा ग्रिड के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जा रही है, जबकि झरिया-1 (जमाडोबा) सब-स्टेशन में केबल बिछाए जाने के बावजूद उसका समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने केबल को दुरुस्त कर झरिया-1 में भी आवश्यकतानुसार कांड्रा ग्रिड से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
इस दौरान ऊर्जा विभाग के सचिव ने झरिया विधानसभा क्षेत्र में लोड शेडिंग की समस्या को गंभीरता से लेते हुए 500 केवी क्षमता के 20 नए ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने तथा जर्जर एबी स्विच को बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को इन संसाधनों की शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि बिजली आपूर्ति व्यवस्था को जल्द सुधार जा सके।
यह पत्र विद्युत विभाग के महाप्रबंधक सह मुख्य अभियंता, धनबाद क्षेत्र को भी प्रेषित किया गया है, ताकि स्थानीय स्तर पर इन समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
विश्लेषण:
विधायक रागिनी सिंह द्वारा उठाए गए मुद्दे यह स्पष्ट संकेत देते हैं कि झरिया क्षेत्र की बिजली व्यवस्था केवल आपूर्ति का नहीं, बल्कि आधारभूत संरचना और प्रबंधन से जुड़ा व्यापक संकट झेल रही है। स्मार्ट मीटरिंग जैसी योजनाएं जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की कमी से प्रभावित हैं, जबकि ट्रांसफार्मर ओवरलोड और सब-स्टेशन की कमी तकनीकी ढांचे की कमजोरियों को उजागर करती है।
ऊर्जा विभाग द्वारा 20 नए ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने और एबी स्विच बदलने के निर्देश को यदि समयबद्ध तरीके से लागू किया जाता है, तो झरिया में बार-बार होने वाली बिजली कटौती और लोड शेडिंग की समस्या में उल्लेखनीय सुधार संभव है। इसके साथ ही यदि पावर ग्रिड से अतिरिक्त आपूर्ति और नए सब-स्टेशन निर्माण की दिशा में भी पहल होती है, तो क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत किया जा सकता है।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने विधायक द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि इन निर्देशों को जमीनी स्तर पर कितनी तेजी और प्रभावशीलता के साथ लागू किया जाता है।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

