धनबाद(DHANBAD): धनबाद के केंदुआडीह में धनबाद-बोकारो मुख्य सड़क के धंसने की घटना को 10 दिन बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन की चुप्पी ने स्थानीय लोगों के आक्रोश को चरम पर पहुँचा दिया है। समस्या के स्थायी समाधान और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग को लेकर धनबाद विधायक सह विधानसभा सचेतक राज सिन्हा, ‘कोयलांचल बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले गुरुवार से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। धरने के तीसरे दिन भी आंदोलन को अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला। आंदोलन को धार देते हुए शनिवार को क्षेत्र के विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने ऐतिहासिक बंदी किया। केंदुआ पुल, छाताटांड़, लोयाबाद, पुटकी, धनबाद जिला थोक वस्त्र विक्रेता संघ और मोटर डीलर एसोसिएशन सहित दर्जनों संगठनों के सैकड़ों व्यवसायी धरना स्थल पर पहुंचे और विधायक के साथ धरने पर बैठ गए।
इस मौके पर विधायक राज सिन्हा ने स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि जनता के हक और सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जब तक सड़क चालू नहीं होती, गैस रिसाव पर नियंत्रण नहीं होता और प्रभावित परिवारों का पुनर्वास नहीं होता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। धनबाद जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष चेतन प्रकाश गोयनका ने कहा कि सड़क बंद होने से व्यापार और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है, इसलिए व्यापारी समाज पूरी मजबूती से इस मांग के साथ खड़ा है। वहीं, जनता मजदूर संघ के महामंत्री सिद्धार्थ गौतम ने भी समर्थन जताते हुए कहा कि मजदूर और व्यापारी का एक मंच पर आना ही समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। बियाडा के पूर्व चेयरमैन विजय झा ने इसे घोर प्रशासनिक लापरवाही करार देते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

