70वीं BPSC में भाई-बहन का कमाल: बेटा बना SDM, बेटी बनी SC-ST वेलफेयर ऑफिसर

70वीं BPSC में भाई-बहन का कमाल: बेटा बना SDM, बेटी बनी SC-ST वेलफेयर ऑफिसर

बिहार के सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया नगर परिषद की सभापति सिंधु गुप्ता और ब्रजमोहन कुमार के परिवार में 70वीं बीपीएससी परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद खुशी का माहौल है। परिवार के बेटे राहुलेंद्र कुमार का चयन उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) के पद पर हुआ है, जबकि बेटी सुष्मिता गुप्ता को एससी-एसटी वेलफेयर ऑफिसर के पद के लिए चुना गया है।

एक ही परिवार के दो बच्चों की इस बड़ी सफलता से उनके माता-पिता, रिश्तेदार और पूरे इलाके में खुशी की लहर है। लोगों ने दोनों की उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी और उनकी मेहनत की सराहना की।

घर में जश्न का माहौल

एक ही घर से दो बच्चों के प्रशासनिक सेवा में चयनित होने की खबर मिलते ही परिजनों में खुशी का ठिकाना न रहा. घर पर तुरंत ही जश्न का माहौल बन गया. इस ऐतिहासिक सफलता की खबर फैलते ही परिजन, रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक लगातार घर पहुंचकर दोनों सफल अभ्यर्थियों को बधाई दे रहे हैं.

ब‍िहार में राहुलेंद्र कुमार के SDM बनने और सुष्मिता गुप्ता के एससी-एसटी वेलफेयर ऑफिसर पद पर चयनित होने से केवल बैरगनिया ही नहीं, बल्कि पूरे सीतामढ़ी जिले में गर्व का माहौल है. स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए एक बेहद प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है.

परिजनों ने बताया कि जब सिंधु गुप्ता पहली बार पार्षद चुनी गई थीं, तभी से उनकी दिली इच्छा थी कि उनके बच्चे उच्च प्रशासनिक अधिकारी बनकर समाज और देश की सच्ची सेवा करें. वर्षों की अटूट मेहनत, अनुशासन और लगन के बल पर आज वह सपना आखिरकार साकार हो गया है. राहुलेंद्र और सुष्मिता ने कठिन परिश्रम और निरंतर तैयारी के दम पर यह मुकाम हासिल किया है.

अपनी इस प्रारंभिक सफलता की नींव के बारे में बताते हुए राहुलेंद्र कुमार ने कहा कि उनकी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा ‘राजकीयकृत उच्च माध्यमिक विद्यालय’ से हुई. इसके बाद उन्होंने अपनी इंटरमीडिएट की पढ़ाई ‘PT DDM कॉलेज, बैरगनिया’ से पूरी की. स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली का रुख किया और दिल्ली यूनिवर्सिटी से अपना स्नातक पूरा किया. दिल्ली में रहकर ही उन्होंने BPSC जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा के लिए अपनी तैयारी को धार दी.

जरूरतमंद वर्गों की सेवा ही मुख्य ध्येय

नगर परिषद चेयरमैन सिंधु गुप्ता ने अपने बच्चों की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा, “बच्चों की यह सफलता उनके अथक समर्पण, माता-पिता के आशीर्वाद और गुरुजनों के सही मार्गदर्शन का ही सुखद परिणाम है.” उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों बच्चे अपने-अपने पदों पर रहते हुए पूरी निष्ठा के साथ समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सेवा करेंगे.   

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