स्कूल में दिखी दोहरी व्यवस्था! छात्रों के जर्जर टॉयलेट और शिक्षकों के लग्जरी शौचालय देख भड़के भाजपा नेता

स्कूल में दिखी दोहरी व्यवस्था! छात्रों के जर्जर टॉयलेट और शिक्षकों के लग्जरी शौचालय देख भड़के भाजपा नेता

बुधवार को भाजपा के वार्ड संख्या 4 के मंडल अध्यक्ष राजू चंद्र के नेतृत्व में ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत इलाके के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों और विद्यालयों में सफाई अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान भाजपा नेता और कार्यकर्ता बर्धमान शहर के वार्ड संख्या 17 स्थित खाजा अनवार बेरे हाई स्कूल पहुंचे। स्कूल परिसर का निरीक्षण करने पर वहां की अव्यवस्थित स्थिति और साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था देखकर नेताओं ने गहरी नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान भाजपा नेताओं ने देखा कि छात्रों के उपयोग के लिए बना शौचालय पूरी तरह जर्जर और बदहाल स्थिति में है, जबकि ठीक सामने शिक्षकों का शौचालय साफ-सुथरा और बेहतर स्थिति में है।

स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल में लंबे समय से कोई प्रबंधन समिति नहीं है। इसी परिसर में संचालित मॉर्निंग प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक ने भी हाई स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि मॉर्निंग स्कूल के साथ लगातार भेदभाव किया जाता है। उनके लिए केवल एक छोटा-सा कार्यालय कक्ष उपलब्ध है, जबकि स्कूल परिसर में झाड़ियां होने के कारण अक्सर जहरीले सांप निकल आते हैं, जिससे छात्रों और शिक्षकों में भय का माहौल रहता है।

प्रधानाध्यापक ने यह भी आरोप लगाया कि हाई स्कूल शुरू होते ही मॉर्निंग स्कूल की बिजली काट दी जाती है। भीषण गर्मी में पंखे और बिजली न होने से छोटे-छोटे बच्चों को काफी परेशानी होती है और कई बार उनकी तबीयत भी खराब हो जाती है। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकला। निरीक्षण के बाद भाजपा मंडल अध्यक्ष राजू चंद्र ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछली सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदहाल कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अन्य स्कूलों में भी ऐसी ही स्थिति मिली तो भाजपा वहां भी अभियान चलाएगी और आवश्यक होने पर उच्च अधिकारियों से लेकर शिक्षा मंत्री तक लिखित शिकायत करेगी।

राजू चंद्र ने मिड-डे मील की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों को निम्न गुणवत्ता वाला मोटा चावल दिया जा रहा है, जबकि उन्हें बेहतर भोजन मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जहां बच्चे बैठकर भोजन करते हैं, वहां एक भी पंखे की व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी में छोटे बच्चों का इस तरह भोजन करना बेहद कष्टदायक है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *