सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। सोमवार को उनका अनशन 16वें दिन में पहुंच गया।
20 जुलाई को प्रदर्शन में शामिल होने की अपील
इस बीच, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और सांसदों से 20 जुलाई को दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील भी की।
उद्धव ठाकरे ने कहा, “कुछ दिन पहले मैंने फोन पर सोनम वांगचुक से बात की थी. मैंने उनसे आमरण अनशन न करने का अनुरोध किया था और उनसे कहा था कि इस सरकार को ऐसी बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता.
उन्होंने जवाब दिया, ‘मेरे साथ जो होना है होने दीजिए, देश की भलाई सबसे पहले होनी चाहिए.’ जो व्यक्ति देश की खातिर अपनी जान की भी परवाह नहीं करता, उसके सामने इंसान निशब्द रह जाता है.”
ठाकरे ने आरोप लगाया कि जहां कई छात्र आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा चुके हैं, वहीं केंद्र सरकार ने इस गंभीर मुद्दे को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है. नीट (NEET) पेपर लीक घोटाले के कारण देश भर के छात्रों में भारी गुस्सा और असंतोष है.
उन्होंने कहा- “सरकार को युवाओं के भविष्य की कोई चिंता नहीं है. उसकी दिलचस्पी विपक्षी दलों को तोड़ने में ज्यादा है. देश का भविष्य दांव पर लगा है, फिर भी सरकार के पास इस पर ध्यान देने का समय नहीं है. सोनम वांगचुक जैसे बुद्धिमान व्यक्ति का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन इसके बजाय उन्हें देशद्रोही साबित करने की कोशिशें की जा रही हैं. अनशन के 16 दिन बीत जाने के बाद भी केंद्र सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है.”
दिल्ली में 20 जुलाई को होने वाले प्रदर्शन का जिक्र करते हुए ठाकरे ने कहा, “यह केवल एक व्यक्ति की लड़ाई नहीं है. यह देश भर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है. इसलिए, सभी दलों के सांसदों को इस प्रदर्शन में भाग लेना चाहिए. यदि भाजपा सांसदों में थोड़ी भी इंसानियत बची है, तो उन्हें भी इस आंदोलन में शामिल होना चाहिए.”
उद्धव ठाकरे ने कहा, “अभिजीत दिपके देश के युवाओं की आवाज को बुलंद कर रहे हैं. इस बात की आशंका है कि कुछ शरारती तत्व आंदोलन को बदनाम करने के लिए 20 जुलाई के प्रदर्शन से पहले हिंसा भड़का सकते हैं. केंद्र सरकार को इस पर गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए.”

