देश के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे नरेश कुमार गुजराल साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। ठगों ने उनके एक कर्मचारी को झांसे में लेकर करीब 7.8 करोड़ रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। मामले की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ठगी गई रकम में से लगभग 4 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
पूर्व सांसद नरेश कुमार गुजराल के साथ ठगी हुई है। वह पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे हैं। ठग ने नरेश गुजराल की फोटो लगाकर उनके कर्मचारी को व्हाट्सएप्प पर मैसेज किया और नरेश गुजराल बनकर बातचीत की। ठग ने मीटिंग में होने की बात कहकर एक अकाउंट नंबर में आरटीजीएस के जरिए पैसे ट्रांसफर करवाए। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब तक ठग के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।
ठगों ने नरेश कुमार गुजराल की फाइनेंस टीम के सबसे भरोसेमंद व्यक्ति को मैसेज किया था। व्हाट्सएप पर मैसेज मिलने के बाद कर्मचारी ने चार आरटीजीएस ट्रांजैक्शन किए। 12 से 16 जून के बीच हुए ट्रांजैक्शन में लगभग आट करोड़ रुपयों का लेनदेन हुआ। इसके बाद साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ। पैसों के लिहाज से देखा जाए तो यह दिल्ली में हाल के समय में सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड है।
नरेश गुजराल के कर्मचारी ने जब उनकी बेटी को पैसों के लेनदेन के बारे में बताया तो उन्होंने नरेश को फोन कर बात की। नरेश ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है। इसके बाद परिवार को साइबर ठगी का एहसास हुआ। नरेश की बेटी दीक्षा ने तुरंत साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन 1930 में फोन कर ई-एफआईआर दर्ज कराई। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ठगी की लगभग 70 फीसदी रकम फ्रीज कर दी। इस वजह से नरेश गुजराल को होने वाला नुकसान बहुत हद तक कम हो गया। उन्होंने अधिकारियों की तारीफ भी की।

