नई दिल्ली: संसद का मॉनसून सत्र गुरुवार, 13 अगस्त को जोरदार हंगामे के बीच समाप्त हो गया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में पूरे सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली।
विपक्ष ने शुरुआत से ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन को लेकर सरकार को घेरा। खास तौर पर छात्रों पर पेलेट गन के इस्तेमाल के मुद्दे पर विपक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब देने की मांग की।
कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने कई बार सदन में गृह मंत्री के बयान की मांग की। इसके अलावा राम मंदिर के मुद्दे को लेकर भी विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा।
सयोनी घोष ने विपक्ष पर साधा निशाना
इन मुद्दों को लेकर अब ममता बनर्जी की पार्टी की सांसद और NCPI नेता सयोनी घोष ने विपक्ष पर निशाना साधा है। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में उन्होंने कहा कि संसद का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है और इसका इस्तेमाल देश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए होना चाहिए।
सयोनी घोष ने कहा कि सदन में बार-बार हंगामा करना देश और संसद की गरिमा के लिए सही नहीं है।
अमित शाह के बयान पर भी दिया जवाब
अमित शाह के बयान की मांग को लेकर सयोनी घोष ने कहा कि गृह मंत्री सवालों का जवाब देने के लिए तैयार थे। उन्होंने दावा किया कि अमित शाह कभी भी सवालों से पीछे नहीं हटते, लेकिन विपक्ष उनके जवाब सुनने से पीछे हटता है।
मॉनसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर लगातार टकराव देखने को मिला और अंत में भी सदन हंगामे के बीच ही समाप्त हुआ।
सबसे ज्यादा ट्रोल हुई थीं सयोनी घोष
बता दें कि बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद जब टीएमसी के 20 सांसद बागी हुए थे तो उनमें सबसे युवा सयोनी घोष सबसे ज्यादा ट्रोल हुई थीं. हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी.
इसके बाद दावा किया जा रहा है कि प्रमोशन लिस्ट में सयोनी घोष का भी नाम शामिल है. रिपोर्ट्स के मुताबिक मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल होने पर उन्हें राज्य मंत्री बनाया जा सकता है. सयोनी घोष अभी मात्र 33 साल की हैं.

