केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार (6 जुलाई) को श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर पूर्वी कोलकाता में उनकी 125 फुट ऊंची प्रतिमा की आधारशिला रखी। इस दौरान अमित शाह ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यूसीसी के लिए समिति का गठन हो चुका है और भविष्य में पश्चिम बंगाल में भी समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘पश्चिम बंगाल लोक व्यवस्था रखरखाव संशोधन विधेयक 2026 पारित हो चुका है. हमने गुंडों को सबक सिखाने का वादा किया था और आज यह विधेयक उस दिशा में पहला कदम है. घुसपैठियों की पहचान करने और उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.‘
क्या बोले अमित शाह?
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘जब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नेहरू-लियाकत समझौते का अध्ययन किया तो उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत में रहने वाले मुसलमानों की चिंताओं को तो दूर करता है, लेकिन पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं की चिंताओं को नहीं. यह समझौता एकतरफा है, इसलिए मैं मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे रहा हूं. आज इसी पार्टी की सरकार भारत में रहने वाले सभी हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए CAA लेकर आई है.’ उन्होंने कहा, ‘आज मैं इस मंच से कहना चाहता हूं कि हम नागरिकता देने की बाकी औपचारिकताओं को भी जल्द ही पूरा कर लेंगे, क्योंकि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार है.’
अमित शाह ने आगे कहा, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के द्वारा शुरू की गई जनसंघ पार्टी आज भाजपा के रूप में देश के दो-तिहाई क्षेत्र और दो-तिहाई से ज्यादा जनसंख्या में उनकी नीतियों का पालन कर रही है. जनसंघ की स्थापना के समय उन्होंने यह प्रतिज्ञा ली थी कि केवल सरकार बदलने से भारत का गौरव नहीं बढ़ेगा. स्वतंत्र भारत की नीतियां भारत की अपनी मिट्टी की सुगंध से प्रेरित होनी चाहिए, उन पर पश्चिम का कोई प्रभाव नहीं होना चाहिए. आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है.’
