धनबाद(DHANBAD): धनबाद में पीसी एंड पीएनडीटी (प्री-कंसेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स) एक्ट के तहत जिला स्तरीय जांच टीम ने बुधवार को तीन प्रमुख अल्ट्रासोनोग्राफी सेंटरों रिलीफ, एपी डायग्नोस्टिक सेंटर और कल्याणी डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच की। यह जांच उपायुक्त माधवी मिश्रा के निर्देश पर की गई। इसका उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या और लिंग जांच जैसे गैरकानूनी कृत्यों पर अंकुश लगाना था। हालांकि इस जांच में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। जांच टीम में कार्यपालक दंडाधिकारी रविंद्र नाथ ठाकुर के नेतृत्व में रेडियोलॉजिस्ट डॉ शम्स तबरेज आलम, धनबाद मेडिकल कॉलेज के बायोकेमेस्ट्री के विभागाध्यक्ष डॉ सुनील कुमार वर्मा, पीसी एंड पीएनडीटी के असिस्टेंट नोडल ऑफिसर डॉ विकास कुमार राणा, एनजीओ प्रतिनिधि नीति सिंह और पूजा रत्नाकर शामिल थी। टीम सबसे पहले सरायढेला स्थित रिलीफ में पहुंची। वहां संचालक डॉ राजीव नयन मौजूद थे। इन्हीं के नाम पर अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन रजिस्टर्ड पाई गई। टीम ने सभी उपकरणों, रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच की। यहां कोई अनियमितता नहीं मिली। इसके बाद टीम ने एपी डायग्नोस्टिक और कल्याणी डायग्नोस्टिक पहुंची। इन दोनों केंद्रों में भी सभी दस्तावेज और प्रक्रियाएं नियमानुसार पाई गईं। जांच के दौरान मशीनों के उपयोग, रोगियों के रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक कागजातों की समीक्षा की गई। यहां भी नियमों के उल्लंघन का कोई साक्ष्य नहीं मिला। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपने की बात कही है। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान कन्या भ्रूण जांच और लिंग निर्धारण जैसे अपराधों को रोकने के लिए चलाया जा रहा है। उपायुक्त माधवी मिश्रा के नेतृत्व में जिला प्रशासन इस दिशा में सख्त कदम उठा रहा है। जांच के बाद अधिकारियों ने कहा कि अल्ट्रासोनोग्राफी सेंटरों की नियमित निगरानी और निरीक्षण भविष्य में भी जारी रहेगा, ताकि नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो सके।
NEWSANP के लिए धनबाद से ब्यूरो रिपोर्ट
