नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना के जरिए SBN को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की पहली अनुसूची में शामिल किया है।
किन गतिविधियों का लगाया आरोप?
गृह मंत्रालय के मुताबिक, SBN पर सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल होने के आरोप हैं। मंत्रालय का कहना है कि नेटवर्क युवाओं और स्थानीय अपराधियों को आतंकवादी गतिविधियों की ओर आकर्षित करने और उकसाने की कोशिश करता है।
अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि नेटवर्क डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भड़काऊ संदेश फैलाता है और हिंसक गतिविधियों के जरिए आतंकवाद को बढ़ावा देने की कोशिश करता है।
कई गंभीर मामलों का जिक्र
गृह मंत्रालय की अधिसूचना में SBN से जुड़े लोगों के खिलाफ अलग-अलग कानूनों के तहत दर्ज मामलों का भी उल्लेख किया गया है। इनमें UAPA, भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, एक्सप्लोसिव्स एक्ट और IT एक्ट समेत कई कानून शामिल हैं।
अगस्त में हुई थी बड़ी कार्रवाई
इससे पहले अगस्त में सुरक्षा एजेंसियों ने SBN के खिलाफ कई राज्यों में कार्रवाई की थी। सरकार के अनुसार, 14 राज्यों में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि नेटवर्क के खिलाफ 80 से ज्यादा FIR और 200 से अधिक गिरफ्तारियां दर्ज की गई थीं। कार्रवाई के दौरान हथियार, ग्रेनेड, कारतूस और अन्य सामान बरामद किए जाने की जानकारी भी सरकार ने दी थी।
अब क्या बदलेगा?
SBN को UAPA की पहली अनुसूची में शामिल किए जाने के बाद यह संगठन आधिकारिक रूप से प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की सूची में आ गया है। इससे एजेंसियों को संगठन और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ UAPA के तहत कार्रवाई करने का कानूनी आधार मिलता है।

